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Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े मंच पर अपनी बात रखने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन सभी को मौक़ा नहीं मिलता। झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के कोरा इलाके के युवा चंदन कुमार ने अपने हुनर, मेहनत और लगन से ये मुक़ाम हासिल किया है। 9 से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में चंदन अपने विचार Viksit Bharat 2047 और आत्मनिर्भर भारत के विषय पर पेश करेंगे। इस मंच पर वो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रखेंगे।

पिता की मेहनत और बेटे के सपने

चंदन का सफ़र आसान नहीं रहा। उनके पिता बबलू कुमार साइकिल की दुकान चलाते हैं और पंचर बनाने का काम करते हैं। संसाधन सीमित थे, लेकिन उन्होंने कभी अपने बच्चों की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। इसी संघर्ष और मेहनत का नतीजा है कि चंदन ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और फिलहाल NTPC में ट्रेनिंग ले रहे हैं।

चंदन के पिता बबलू कुमार कहते हैं, “मेरा सपना था कि मेरे बच्चों को अच्छी पढ़ाई मिले। मैंने 1994 में इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया, लेकिन नौकरी नहीं मिली। मजबूरी में पंचर का काम शुरू किया। आज मेरे बेटे को यह मौक़ा मिला, मुझे बहुत खुशी और गर्व है।”

Viksit Bharat पर युवाओं की सोच

चंदन मानते हैं कि देश को आगे बढ़ाने के लिए यह ज़रूरी नहीं कि हम कितना उत्पादन करते हैं, बल्कि ये ज़्यादा अहम है कि हम कितना नया और बेहतर बनाते हैं। अपने विचारों में उन्होंने डिजिटल फैक्ट्री, इंडस्ट्री 4.0, ज़ीरो वेस्ट और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों को शामिल किया है। उनका मानना है कि इन्हीं रास्तों से Viksit Bharat बन सकता है और दुनिया में अपनी मज़बूत पहचान बना सकता है।

परिवार की नज़र से सफलता का पल

चंदन की बहन पायल कुमारी कहती हैं, “हमने अपने भाई को बचपन से मेहनत करते देखा है। आज वही देश के सबसे बड़े मंच पर अपनी बात रखेगा। ये सिर्फ़ हमारे परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का पल है।” चंदन की इस सफलता से उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा हज़ारीबाग और झारखंड गर्व महसूस कर रहा है।

युवाओं के लिए प्रेरणा की कहानी

चंदन का चयन चार चरणों की नेशनल प्रोसेस के ज़रिए हुआ। पहले क्विज़, फिर एशिया राउंड, उसके बाद स्टेट लेवल प्रेज़ेंटेशन और आख़िर में नेशनल ग्रुप प्रेज़ेंटेशन। इस पूरे सफ़र में चंदन ने अपने ज्ञान, आत्मविश्वास और मेहनत से खुद को साबित किया। चंदन की कहानी ये साबित करती है कि मेहनत, लगन और मज़बूत इरादे किसी भी मुश्किल हालात को पार कर सकते हैं।

झारखंड के एक छोटे से इलाके से निकलकर नेशनल लेवल तक पहुंचने वाले चंदन Viksit Bharat कार्यक्रम में चुने गए झारखंड के 30 युवाओं में शामिल हैं। उनका सफ़र न सिर्फ़ उनके परिवार, बल्कि पूरे राज्य और देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।

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