Friday, October 16, 2026
21.2 C
Delhi

मध्यकाल के दौरान पसमांदा मुसलमानों की संकटमय दास्तान: गरीबी, निरक्षरता और व्यापार

आदिवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़ी जातियों के बौद्ध और हिंदू धर्म से पसमांदा मुसलमान बन गए। वे मुस्लिम आबादी के 75% हैं। केवल 3-4% विदेशी हैं और 15-20% उच्च जाति से धर्मान्तरित हुए हैं। आज, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पसमांदा मुसलमानों की भीड़ है, जिसमें शेख, पटेल, अच्चुकत्तलवंदलु, अत्तर सैबुलु, नव मुस्लिम, लद्दाफ, दूदेकला, कुरैशी कसाब आदि जातियाँ शामिल हैं।

लेकिन, पसमांदा मुस्लिमों को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय आदि में आर्थिक रूप से पहुंच नहीं होती है। उनकी संकटमय स्थिति को देखते हुए, पसमांदा मुस्लिम नेताओं ने धर्म आधारित व्यवसायों को छोड़ने के लिए अखंड मुस्लिम पहचान की शुरुआत की। गरीबी और निरक्षरता के कारण उन्हें अपनी संपत्ति बेचनी पड़ी।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: आयुषी सिंह UP PCS पास कर DSP बनीं, कैसे की थी पढ़ाई?

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

Topics

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

मुजतबा हुसैन: हंसी के पीछे छुपी सच्चाई का बेमिसाल क़लमकार

उर्दू अदब में तंज़-ओ-मज़ाह की बात हो और मुजतबा...

Balbir Singh Senior: भारतीय हॉकी को गोल्ड की राह दिखाने वाले

भारतीय हॉकी के इतिहास में जब भी बड़े खिलाड़ियों...

Related Articles

Popular Categories