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शमा बैंगल: मुरादाबाद की 65 साल पुरानी दुकान

भारत के उत्तर प्रदेश मे मुरादाबाद जिला स्थित हैं। अगर आप कभी मुरादाबाद गए तो खरीदारी किए बिना आपका सफ़र अधूरा ही रहेगा। जनपद मुरादाबाद के कोतवाली सदर इलाके के चोमुखपुल पर चूड़ी वाली गली हैं, जो की काफी मशहूर गली हैं। इसी गली में ‘शमा बैंगल’ नाम की एक चूड़ी की दुकान है। यह दुकान 65 साल पुरानी हैं। इस दुकान की शुरूआत सन 1955 में हुई थी। शमा बैंगल स्टोर को अब उनकी चौथी पीढ़ी चला रही हैं। दुकान की सबसे ज़्यादा ख़ास बात ये है कि यहां सभी महिलयों की जरूरत और शौक के अनुसार हर प्रकार की चूड़ियां मिलती हैं।

चूड़ियों का प्रचलन

महिलाओं और युवतियों को मुख्य रूप से सजने-संवरने का शौक होता हैं। उनकी नजर सौंदर्य प्रसाधन पर रहती हैं। नतीजन चूड़ी और साज-श्रृंगार के वस्तुयों की काफी मांग रहती हैं। महिलाओं के सोलह श्रृंगार में से एक श्रृंगार है हाथों में पहनने वाली रंग-बिरंगी चूड़ियां। चूड़ियों की खनक किसी का भी मन मोह लेती हैं। सौभाग्य की प्रतीक चूड़ियों का दौर कभी भी कम नहीं होता हैं और इन्हे खरीदने की होड़ लगी रहती हैं। हर महिला अपनी वेशभूषा के अनुसार चुड़िया ढूंढती नज़र आती हैं।

वैसे तो चूड़ी शादीशुदा महिलयों को पहनना अनिवार्य होता है, लेकिन बदलते फैशन ने चूड़ियों का महत्व और अधिक बढ़ा दिया हैं। अब तो कुंवारी लड़कियां भी चूड़ियां पहनना पंसद करती हैं। तीज-त्योहारों पर भी चूड़ी की खनक बरकरार रहती हैं।

मोहम्मद फहीम चलते है शमा बैंगल स्टोर

चूड़ी विक्रेता मोहम्मद फहीम स्वएं इस दुकान को चलाते हैं। वह कहते है कि उनके स्टोर पर हर प्रकार की फैंसी चूड़ी, ब्राइडल चूड़ी, लाख की चूड़ी, मेटल चूड़ी, ब्रास की चूड़ी, और अन्य भी कई अनेक प्रकार की चूड़ियां मिलती है। उनके यह कुंदन वर्क वाली चूड़ी और स्टोन वर्क की चूड़ी की भरमार है। रोजाना के प्रयोग के लिए भी आपको सुंदर व टिकाओ चुड़िया इस दुकान पर मिल जाएगी। उनकी चूड़ियों की दुकान पर हर हफ्ते चूड़ियों की वैरायटी को मैन्टैन किया जाता हैं।

चूड़ियों के चटख रंग महिलाओं को आकर्षित करते हैं। शमा बैंगल स्टोर पर आपको हर तरह की अपनी मनपसंद डिजाइन और रंग की चुड़िया मिल जाएगी। महिलाओं की खास डिमांड को देखते हुए भी आर्डर पर चुड़िया मंगाई जाती हैं। जयपुर और अन्य कई जगह से चुड़िया आती हैं। यह दुकान सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुलती हैं। मंगलवार के दिन यह दुकान बंद रहती हैं।

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