Saturday, May 9, 2026
33.1 C
Delhi

डॉ नुरिमा यास्मीन: असम की मुस्लिम महिला जो संस्कृत के ज्ञान को फैला रही हैं

असम की एक मुस्लिम महिला डॉ नुरिमा यास्मीन ने संस्कृत का अध्ययन करना चुना है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा रंगिया हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की और फिर कॉटन कॉलेज में दाखिला लिया। वे अब कुमार भास्कर बर्मा संस्कृत और प्राचीन अध्ययन विश्वविद्यालय, नलबाड़ी में संस्कृत के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में छात्रों को संस्कृत पढ़ा रही हैं।

नूरिमा यास्मीन ने कॉटन कॉलेज से संस्कृत में सम्मान के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की और गौहाटी विश्वविद्यालय से एमए और एमफिल की डिग्री प्राप्त की।

वे संस्कृत के ज्ञान को फैलाने में अपना योगदान दे रही हैं और अपनी प्रेरणादायक कहानी से लोगों को प्रेरित कर रही हैं। शीर्षक को लिखें।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: हमारे अमरोहा के कमाल अमरोही

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Topics

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Red Chief से RedTape तक: कैसे कानपुर बना भारत का लेदर सिकंदर

एक ज़माने में कानपुर की सड़कों पर अंग्रेजों की...

Related Articles

Popular Categories