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रोपड़ का सात साल का तेगबीर सिंह बना दुनिया का सबसे कम उम्र का ट्रेकर, 17,769 फीट ऊंचे Annapurna circuit को किया पार

उम्र महज़ सात साल, मगर हौसले ऐसे कि हिमालय की सबसे कठिन चढ़ाइयों में से एक को भी मात दे दी। पंजाब के रोपर ज़िले (Ropar, Punjab) के रहने वाले तेगबीर सिंह (Tegbir Singh) ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने नेपाल के Annapurna Circuit के सबसे ऊंचे स्थान Throne of the Pass (17,769 फीट / 5,416 मीटर) को पार करके दुनिया के सबसे कम उम्र के ट्रेकर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

तेगबीर अभी सिर्फ 7 साल और 6 महीने के हैं। उन्होंने दुबई के 7 साल 10 महीने के इवान क्रुशकोव को पीछे छोड़ा, जो अप्रैल 2025 में ये रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन तेगबीर ने ये उपलब्धि 18 अप्रैल 2026 को हासिल कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया।

जबरदस्त चुनौतियों के बीच ऐतिहासिक सफर

तेगबीर ने 11 अप्रैल 2026 को अन्नपूर्णा सर्किट की अपनी यात्रा शुरू की। ये सर्किट 235 किलोमीटर से भी ज़्यादा लंबा है। 18 अप्रैल की सुबह 4 बजे, जब तापमान माइनस 13 डिग्री सेल्सियस था, वो अपने पिता और दो गाइडों के साथ थ्रोन ला दर्रे के लिए निकल पड़े। करीब साढ़े पांच घंटे बाद, सुबह 9:25 बजे उन्होंने दर्रे पर कदम रखा।

रास्ते में ऑक्सीजन की कमी, माइनस 8 से माइनस 13 डिग्री का तापमान, तेज हवाएं और 230 किलोमीटर से अधिक का सफर, हर मोड़ पर मुश्किलें थीं। लेकिन तेगबीर ने हार नहीं मानी।

खुशी जताते हुए तेगबीर ने कहा, ‘मैंने इसके लिए तैयारी की थी। मैं जानता था कि यह लंबा और मुश्किल है। आखिरकार मैं पहुंच गया और वहां अपने पिता के साथ तस्वीर ली। मेरे जूते भारी थे, लेकिन मैंने घर पर प्रेक्टिस की थी।”

पिता का सपना, बेटे का जुनून

तेगबीर के पिता सुखिंदरदीप सिंह रोपर के एक निजी अस्पताल में मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर हैं। कोच बिक्रमजीत सिंह घुमान (भारतीय हैंडबॉल टीम के पूर्व कोच) ने तेगबीर के फेफड़ों की क्षमता और दिल की सेहत को बेहतर बनाने के लिए ख़ास एक्सरसाइज करवाईं, ताकि ऊंचाई पर होने वाली बीमारी (altitude sickness) से बचा जा सके।

तेगबीर सिंह

सिर्फ यही नहीं, तेगबीर के नाम पहले भी कई रिकॉर्ड

ये पहली बार नहीं है जब तेगबीर ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की हो:

  • जून 2025 (उम्र 6 साल 7 महीने) : यूरोप की सबसे ऊंची चोटी Mount Elbrus पर चढ़ाई
  • अगस्त 2024 : अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी Mount Kilimanjaro पर चढ़ने वाला सबसे कम उम्र का एशियाई बना (Recorded in the Asia Book of Records and the India Book of Records)
  • अप्रैल 2024 (उम्र 5 साल 7 महीने) : माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचा

मां की डाइट और कोच की मेहनत

तेगबीर की मां डॉ. मनप्रीत कौर (गायनेकोलॉजिस्ट) है। उन्होंने अपने बेटे के खानपान पर बहुत ज़्यादा फोकस किया। जिससे उसे किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो।उसने अपने कोच के बताए सख्त डाइट शेड्यूल का पालन किया।

नेपाल की ट्रेकिंग कंपनी हिमालयन सोशल जर्नी (HSJ) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमृत सापकोटा ने तेगबीर की सहनशक्ति को काबिल-ए-तारीफ कहा।

अकाल तख़्त से मिल चुका है सम्मान

तेगबीर की इस प्रतिभा को पहले भी सराहा जा चुका है। जुलाई 2025 में उन्हें अकाल तख्त (सिखों के सर्वोच्च अस्थान) के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गाज ने सम्मानित किया था।

एक सात साल का बच्चा, जिसके जूते भारी थे, रास्ते लंबे थे, सांस लेना मुश्किल था, लेकिन उसका इरादा सबसे ऊंचा था। तेगबीर सिंह ने साबित कर दिया कि अगर सपना देखा जाए और उसके लिए जूनून से तैयारी की जाए, तो उम्र सिर्फ एक नंबर है।

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