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Government Museum Chennai: राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स से सजी चेन्नई की कंटेम्परेरी आर्ट गैलरी

DNN24 की टीम जब चेन्नई के गवर्नमेंट म्यूज़ियम (Government Museum Chennai) पहुंची, तो वहां की कंटेम्परेरी आर्ट गैलरी (Contemporary Art Gallery) ने हमारा ध्यान खींच लिया। ये गैलरी अपनी शानदार पेंटिंग्स के लिए जानी जाती है, और यहां भारत के कई प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियां (Artworks) हैं। इन्हीं में से एक हैं राजा रवि वर्मा, जिनकी पेंटिंग्स में भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक दिखाई देती है।

फादर ऑफ़ मॉडर्न इंडियन आर्ट

राजा रवि वर्मा को भारत का आधुनिक चित्रकला का जनक (Father Of Modern Indian Art) कहा जाता है। उनकी पेंटिंग्स न सिर्फ देखने में सुंदर हैं, बल्कि हर तस्वीर एक कहानी कहती है।

राजा रवि वर्मा: कला की दुनिया के सितारे

राजा रवि वर्मा का जन्म 29 अप्रैल 1848 को हुआ था। उन्होंने भारतीय चित्रकला को एक नई पहचान दी। उनकी पेंटिंग्स में देवी-देवताओं, पौराणिक कहानियों और शास्त्रों को बहुत सुंदर ढंग से दिखाया गया है।

गैलरी में मौजूद पेंटिंग्स में महाभारत, रामायण और कृष्ण लीला से जुड़ी कहानियों के दृश्य देखने को मिलते हैं- जैसे राम और लक्ष्मण का अपने माता-पिता से विदा लेना, बालकृष्ण अपनी मां यशोदा के साथ और शकुंतला की कहानी बयां करतीं पेंटिंग्स।

यूरोपियन स्टाइल और भारतीय परंपरा का सुंदर मेल

राजा रवि वर्मा की ख़ास बात ये थी कि उन्होंने यूरोपियन स्टाइल को भारतीय पारंपरिक विषयों के साथ मिलाया। उनकी पेंटिंग्स में रंगों का गहरापन और डिटेलिंग कमाल की होती है। उन्होंने ही भारत में पहली बार ऑयल पेंटिंग और लाइट-शैडो तकनीक का इस्तेमाल किया।

इतना ही नहीं, उन्होंने अपने आर्टवर्क को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए लिथोग्राफ़िक प्रेस के ज़रिए अपनी पेंटिंग्स की प्रिंटिंग कॉपियां बनानी शुरू कीं। आज उनकी पेंटिंग्स भारत के कई म्यूज़ियम और आर्ट गैलरी में देखी जा सकती हैं।

सम्मान और योगदान

राजा रवि वर्मा ने इंग्लिश आर्टिस्ट कलाकार थियोडोर जेंसन (Theodore Jensen) से पेंटिंग की ट्रेनिंग ली थी। उनके योगदान को पहचानते हुए उन्हें 1873 में British Governor’s Gold Medal भी दिया गया।

कला प्रेमियों के लिए ख़ास जगह

अगर आपको कला, इतिहास और भारतीय संस्कृति में दिलचस्पी है तो चेन्नई का ये म्यूज़ियम और यहां की कंटेंपरेरी आर्ट गैलरी ज़रूर देखने लायक है। यहां राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स के अलावा और भी कई कलाकारों की शानदार कलाकृतियां रखी गई हैं।

ये भी पढ़ें: मोर के पंख पर भील पेंटिंग उकेरने वाले जोधपुर के पहले चित्रकार मांगीलाल

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