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भारत में खाद्य संकट से निपटने के लिए जनसहयोग और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करना आवश्यक है

भारत में भूखमरी का संकट (famine crisis) एक समय था, जब प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने अपने वक्त के खाने का त्याग किया था और देशभर में लोगों ने इसे अपनाया था। आज भारत में खाद्य उत्पादों की संकट (crisis of food products) से आवाज नहीं आती है। फिर भी, हर दिन करीब 19 करोड़ भारतीय भूखे पेट सोते हैं।

इस समस्या का समाधान भी संभव है, यदि हम एक साथ मिलकर इसका सामना करें। खाद्य सुरक्षा एवं जन कल्याण विभाग (Food Security and Public Welfare Department) द्वारा उपलब्ध योजनाओं का सही उपयोग करें तो भारत सफलतापूर्वक खाद्य संकट से निपट सकता है।

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