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उत्तराखंड की महिलाओं का ब्रांड ‘Hill Craft’ कैसे पहुंचा इंटरनेशनल लेवल पर?

उत्तराखंड के रानीखेत की महिलाएं Hill Craft के ज़रिए बदलाव की नई इबारत लिख रही हैं। उन्होंने हैंडीक्राफ्ट और कुशल मार्केटिंग के अपने हुनर को सम्मान दिलाया और उत्पादों की सही कीमत भी दिलाई है। Hill Craft की संस्थापक चयनिका बिष्ट ने एक नेक विज़न के साथ Hill Craft की शुरुआत की थी। तब उनके साथ महज़ छह महिलाएं थीं। आज ये वेंचर तीन स्वयं सहायता समूहों का रूप ले चुका है। उन्हें ‘उत्तराखंड गौरव रत्न सम्मान’ से भी नवाज़ा जा चुका है। Hill Craft की शुरुआत 20 जुलाई 2004 में हुई। Hill Craft एक सोशल एंटरप्राइज है जिसमें तीन स्वयं सहायता ग्रुप जागृति, उन्नति और प्रगति हैं। ये तीनों ग्रुप Hill Craft के लिए प्रोडक्ट बनाते हैं जो Hill Craft ब्रांड के नाम से ही बेचे जाते हैं। आज इस सोशल एंटरप्राइज में करीब 50 से ज्यादा महिलाएं काम करती हैं।

ज़रूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा Hill Craft

Hill Craft की संस्थापक चयनिका बिष्ट ने DNN24 को बताया कि उनका बैकग्राउंड कभी आर्ट फील्ड से नहीं रहा। उन्होंने अपनी एक दोस्त के साथ मिलकर इस आइडिया के बारे में सोचा था। आज उनकी दोस्त उनकी सेल्स पार्टनर है। दोनों का मकसद था कि किस तरह महिलाओं की मदद की जाए। कुछ ऐसा किया जाए जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और आत्मविश्वास भी बड़े। इसलिए दोनों ने मिलकर Hill Craft सोशल एंटरप्राइज की शुरुआत की।

चयनिका बिष्ट ने DNN24 को बताया कि यहां महिलाएं रानीखेत के अलग-अलग इलाकों से काम करने आती हैं। ख़ास बात ये है कि Hill Craft में महिलाओं का चयन उनकी स्किल्स के आधार पर नहीं किया जाता बल्कि ज़रूरतमंद महिलाओं को काम दिया जाता है। यहां कई महिलाएं है जो खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रही थीं, कुछ महिलाओं के पति का देहांत हो चुका था। आर्थिक परेशानियों और ज़िम्मेदारियों के बोझ में दबी महिलाएं यहां अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत की रही है।

आज इस ऑर्गेनाइजेशन के साथ जुड़कर ये महिलाएं बहुत आगे निकल गई हैं।उनमें कई स्किल्स का विकास हुआ है। आज ये महिलाएं खुद की मदद तो कर रही हैं। इसके साथ ही समाज की मदद करने के लिए भी जागरूक हुई हैं। ये लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। चयनिका बिष्ट मानना है कि, “जिस दिन ये महिलाएं खुद स्वतंत्रतापूर्वक Hill Craft को संभालने लगेगी उस दिन मेरा सपना पूरा हो जाएगा।”

विदेशों में भेजे जाते हैं प्रोडक्ट

शुरुआत में महिलाओं ने हैंड मेड पेपर कार्ड बनाएं जिन्हे नॉर्वे में भेजा गया था। वहां लोगों ने काफी अच्छी प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद महिलाओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी और 50 तक पहुंच गई। हैंड मेड कार्ड के बाद जनरल बनाई गई थी। आज वो आर्टिफिशियल और फेवरिक ज्वेलरी, क्रोशिया से अलग-अलग चीजें बना रही हैं जैसे बच्चों के खिलौने और बासकेट बना रही है। इसके अलावा ट्रेडिशनल आर्ट को भी प्रमोट कर रही हैं। Hill Craft के 95 फीसदी प्रोडक्ट नॉर्वे, स्विटजरलैंड, यूके और यूएस में एक्सपोर्ट किए जाते हैं।

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