Monday, August 31, 2026
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बंगाल की बाला, मातांगीनी हाज़रा

वो 9 सितम्बर 1942 का दिन था, तामलुक में करीब छह हजार से ज्यादा लोगों ने अंग्रेजों के विरोध...

मेरे साथ जुगनू है हमसफ़र

मेरे साथ जुगनू है हमसफ़र: उत्तर प्रदेश के...

रशीद जहां: वो ‘अंगारे’ वाली जिसने अदब की दुनिया में लाया था भूचाल

साल था 1932, जब आज़ादी की लड़ाई अपने उफ़ान पर थी। उस वक्त एक कहानी संग्रह बाज़ार में आया। नाम...

पर्दा नशीं, सुरों की मल्लिका शमशाद बेगम के जिंदा रहने के बावजूद सालों तक लोगों ने इन्हे मरा हुआ क्यों समझा?

14 अप्रैल 1919, जलियाँवाला बाग हत्याकांड के ठीक अगले दिन देश भर में मायूसी छाई हुई थी। हर तरफ तनाव का माहौल...

‘मुसलमानों का इस देश को चुनना ही उनके देशप्रेम का साक्ष्य है’– बेगम अनीस किदवई

दिल्ली में परेड ग्राउंड में एक जलसा चल रहा था। एक मंत्री बार बार चीख-चीखकर मुसलमानों पर सवाल पे...

गौहर जान: वो मशहूर तवायफ़ जिससे महात्मा गांधी ने भी मांगी थी आज़ादी की लड़ाई में मदद

गौहर जान | करीब डेढ़ सौ साल पहले ये उस दिन की बात है जब भारत पर अंग्रेजों की...
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