क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की मिट्टी पर कदम रखते ही आपको यूरोप का एहसास हो जाए? जहां एक तरफ फ्रेंच बोलते लोग नजर आएं, French architecture हो और दूसरी तरफ़ खाकी रंग की पुलिस अपने सिर पर लाल रंग की टोपी पहने सड़कों पर गश्त लगाए नजर आएं। इंडिया में France and Paris का कोई अहसास कराता है तो सिर्फ पुडुचेरी (Puducherry) है। इसे ही ‘Mini Paris’ और ‘Paris of the East’ के नाम से जाना जाता है। आइए इस मास्टरपीस शहर की सैर करते हैं।

पेरिस की सैर भारत में?
पुडुचेरी (Puducherry) को देखते ही आप हैरान रह जाएंगे। यहां एक नहर शहर को दो हिस्सों में बांटती है। एक तरफ है ‘तमिल क्वार्टर’ (ब्लैक टाउन) है जहां भारतीयता की चहल-पहल, मसालों की खुशबू और रंग-बिरंगी दुकानें हैं। वहीं दूसरी तरफ है ‘फ्रेंच क्वार्टर’ (व्हाइट टाउन) है जो सीधा आपको पेरिस ले जाता है।
यहां सड़कें सीधी और तिरछी (ग्रिड पैटर्न) हैं, जैसे विदेशों में होती हैं। पेस्टल रंग के मकान, लोहे की बनी सुंदर बाल्कनियां, फ्रेंच नामों वाली सड़कें (जैसे-रू दे ला मरीन) और हर गली में खिले हुए फूलों वाले पेड़। लगता है जैसे कोई फ्रेंच फिल्म का सेट हो। इतनी खूबसूरती देखकर ही इसे ‘पेरिस ऑफ द ईस्ट’ का तमगा मिला।

300 साल का फ्रेंच कनेक्शन
आख़िर यूरोप इतना करीब कैसे आ गया? दरअसल, पुडुचेरी पर 300 सालों तक फ्रांसीसियों का राज रहा। 1954 में ये ऑफिशियली भारत में शामिल हुआ। लेकिन फ्रांसीसियों ने अपनी सभ्यता और वास्तुकला (Civilization and Architecture) का ऐसा अमिट निशान छोड़ा कि आज भी ये शहर जिंदा है।
यहां बस्तील डे (14 जुलाई) को फ्रांस के नेशनल डे की तरह धूमधाम से मनाया जाता है। परेड होती है, फ्रेंच झंडा फहराया जाता है। क्या आपने इमेजिन किया? भारत की धरती पर फ्रांस का राष्ट्रीय त्योहार..

पुडुचेरी और फ्रांस : कमाल के Facts
इतना जानने के बाद भी पुडुचेरी का सफर अधूरा है। यहां के कुछ अनसुने जेम्स देखिए:
- ग्रेनाइट की दीवार: शहर को समुद्र से बचाने के लिए 2 किलोमीटर लंबी ग्रेनाइट बोल्डर की दीवार बनी है, जो अनोखी है।
- प्राचीन रोमन कनेक्शन: यहां ‘अरिकमेडू’ नाम का Archaeological site है, जहां 2000 साल पुराने रोमन शराब के जार मिले हैं। यानी उस वक्त भी ये International port था।
- ऑरोविले: सपनों की नगरी: ये कोई साधारण कॉलोनी नहीं, बल्कि एक ‘यूनिवर्सल सिटी’ है। यहां पूरी दुनिया के लोग बिना किसी धर्म और देश की सीमा के एक परिवार की तरह रहते हैं। इसकी स्थापना 1968 में हुई थी।
- चार टुकड़ों वाला स्टेट: क्या आप जानते हैं कि पुडुचेरी सिर्फ एक जगह नहीं है? ये चार हिस्सों में बंटा है पुडुचेरी, कराईकल (तमिलनाडु), माहे (केरल) और यनम (आंध्र प्रदेश)।
- ‘न्यू विलेज’ का मतलब: ‘पुडुचेरी’ नाम तमिल भाषा के ‘पुडु’ (नया) और ‘चेरी’ (गांव) से बना है, यानी ‘नया गांव’।
- आर्टीशियन कुएं: यहां अपने आप पानी देने वाले प्राचीन कुएं हैं, जो सदियों से खेती को हरा-भरा रखते हैं।
- अनोखा फूल: पुडुचेरी का राजकीय फूल ‘Cannonball tree flower’ है, जो बेहद अजीब और सुंदर होता है।

पेरिस या पुडुचेरी?
अगर आप विदेश जाने का सपना देख रहे हैं, लेकिन बजट या वक्त की कमी है, तो सीधे पुडुचेरी पहुंचिए। यहां प्रोमनैड बीच पर शाम को टहलिए, फ्रेंच कैफे में क्रोइसैन और कॉफी पीजिए, Colonial buildings को निहारिए और ऑरोविले की शांति में खो जाइए।

पुडुचेरी सिर्फ एक शहर नहीं है, ये इतिहास, संस्कृति और यूरोपियन खूबसूरती का वह संगम है जो पूरी दुनिया में Unique है। इसे ‘India’s France’ कहना बिल्कुल सही है, क्योंकि यहां आने के बाद आपको कहीं और जाने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।
तो अगली बार जब आप कोई अनोखी यात्रा प्लान करें, तो ‘मिनी पेरिस’ का टिकट जरूर कटवाइए। यकीन मानिए, आपको भारत में ही पूरा फ्रांस नजर आएगा।
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