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Pakistani Suit: जिसने न तो वीज़ा मांगा, न पासपोर्ट- बस दिलों में उतरकर अपनी हुकूमत कर ली

दिल्ली की चहल-पहल भरी गलियों से लेकर लखनऊ की तहजीब वाली सड़कों तक, मुंबई के फैशन परेड से लेकर कोलकाता की अड्डेबाजी तक, एक नाम हर ज़ुबान पर है। कोई इसे ‘पाकिस्तानी सूट’ (‘Pakistani suit’) कहता है, कोई ‘लॉन कलेक्शन'( ‘Lawn Collection’), तो कोई बस ‘वही वाला सूट जो आयज़ा ख़ान पहनती हैं’… पर असलियत में ये सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि एक रेवल्युशन  है।

जरा सोचिए.. जिस देश से हमारे राजनीतिक रिश्ते अक्सर खटाई में पड़े रहते हैं, उसी देश के कपड़ों ने हमारे दिलों पर ऐसा राज किया है कि हर शादी-ब्याह, हर ईद-दिवाली, हर ख़ास मौके पर बस यही एक सवाल गूंजता है, ‘बहन, पाकिस्तानी सूट कहां से लाए?’

रुकिए! ये सिर्फ एक फैशन ट्रेंड नहीं है।

माहिरा ख़ान (Mahira Khan) की दिलकश आदाओं ने जिसने ‘हमसफर’ में साड़ी पहनकर भारतीय दिलों पर बिजली गिरा दी। ये है सजल अली (Sajal Ali) की वो मुस्कान, जिसने ‘यकीं का सफर’ में नाजुक कढ़ाई वाले सूट में ऐसी छाप छोड़ी कि हर दुल्हन बनी बहू ने वही स्टाइल ट्राई किया। ये है आयज़ा खान (Ayeza Khan) का वो अंदाज, जिसने पेस्टल शेड्स को भारतीय अलमारियों का शहंशाह बना दिया।

और सबसे हैरान कर देने वाली बात?

आज जब भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी चीज ऑफिशियल तौर पर नहीं आ-जा सकती, तब भी लुधियाना, सूरत और दिल्ली के कारोबारी चुपके से ये सूट (Pakistani suit) बनवाकर ऐसा कारोबार खड़ा कर रहे हैं कि अंधेरे में चांदनी बिखर रही है! कहीं दरियागंज की गलियों में तो कहीं लखनऊ के अमीनाबाद में, हर जगह बस एक ही राग अलापा जा रहा है – ‘ले लो जी, फर्स्ट कॉपी पाकिस्तानी सूट।’

तो चलिए आज उस सीमा पार के जादू को समझते हैं, जिसने न तो वीजा मांगा, न पासपोर्ट, बस दिलों में उतरकर अपनी हुकूमत कर ली। ये कहानी है उस फैशन इंकलाब की, जिसने महिलाओं की अलमारी से लेकर उनके सपनों तक में रंग भर दिया।

पाकिस्तानी एक्ट्रेसेस का जादू: जब सीमाएं मिटीं

इस लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह है पाकिस्तानी ड्रामा और उनकी एक्ट्रेसेस का करिश्मा (Pakistani dramas and the charisma of their actresses)। जब महिरा खान, सजल अली, युमना जैदी और आयज़ा ख़ान (Mahira Khan, Sajal Ali, Yumna Zaidi and Ayeza Khan) जैसी अदाकाराएं स्क्रीन पर आती हैं, तो उनका अंदाज़ दिल चुरा लेता है । ‘हमसफर’ में महिरा ख़ान का लुक हो या ‘मेरे हमसफऱ है’ में हानिया आमिर का स्टाइल, हर भारतीय महिला ने इसे ट्राई करना चाहा।

चाहे अमीर लड़की का किरदार हो या मिडिल क्लास का, हर एक्ट्रेस सबसे शादी अंदाज में नजर आती है।

वो अलग अंदाज: डिजाइन की बात ही कुछ और है

पाकिस्तानी सूट (Pakistani suit) की सबसे बड़ी खासियत है इसका शाही लुक। यहां कुर्ता लंबा होता है और इसे प्लाजो, शरारा या घेरदार सलवार के साथ पहना जाता है। इस पर होने वाला एम्ब्रॉयडरी वर्क चाहे मोती का काम हो, जरी का या हाथ की बारीक कढ़ाई, इतना शानदार होता है कि इसे पहनकर लहंगे की ज़रूरत ही नहीं रहती।

मारिया बी, असिम जोफा और सना सफीनाज जैसे पाकिस्तानी डिजाइनर्स के नाम तो भारतीय फैशनिस्टा अच्छे से जानती हैं । ख़ासकर वो महिलाएं जो सलवार सूट में कुछ अलग और रॉयल लुक चाहती हैं, वो पाकिस्तानी सूट की दीवानी हो जाती हैं।

कपड़ों की महारानी: फैब्रिक का जलवा

क्या आपने कभी शिफॉन या जॉर्जेट का वो हल्कापन महसूस किया है? पाकिस्तानी सूट में ज्यादातर शिफॉन, जॉर्जेट और नेट जैसे फ्लोई और हल्के कपड़े इस्तेमाल होते हैं, जो भारत की गर्मी में बेहद आरामदायक लगते हैं।

इसके अलावा ‘लॉन सूट’ ने तो क्रांति ही ला दी। सही फैब्रिक ही आउटफिट को सही लुक, फॉल और ग्रेस देता है। यही वजह है कि पाकिस्तानी डिजाइनर्स सीजन के हिसाब से कपड़े चुनते हैं। ये फैब्रिक हवादार, नर्म और पसीने में भी खूबसूरत बने रहने वाला होता है।

पेस्टल शेड्स की बहार

पाकिस्तानी सूट में कलर का कॉम्बिनेशन भी कमाल का होता है। जहां पारंपरिक रूप से गहरे रॉयल शेड्स (लाल, हरा, नीला) चलते हैं, वहीं आजकल पेस्टल पिंक, मिंट ग्रीन, ब्लश पिंक और लैवेंडर जैसे सॉफ्ट शेड्स की बाढ़ है । इनपर फूलों की डिजाइन, पारंपरिक मोटिफ और सोफिस्टिकेटेड स्टाइलिंग इन्हें मॉडर्न और एलिगेंट दोनों बनाती है ।

असली या नकली? दोनों का बाज़ार

दिलचस्प बात ये है कि भारत-पाकिस्तान के ख़राब रिश्तों और बिज़नेस पाबंदियों के बावजूद ये बाज़ार फल-फूल रहा है। असली पाकिस्तानी सूट नहीं आते, तो भारतीय व्यापारियों ने सूरत, दिल्ली और लखनऊ में इनकी कॉपी बनाना शुरू कर दिया ।

लखनऊ के नख्खास से लेकर दिल्ली के दरियागंज की मार्केट्स में आपको असली (2000 से 10,000 रुपये) और नकली (700-1500 रुपये) दोनों तरह के ऑप्शन मिल जाएंगे । यानी हर जेब के लिए कुछ न कुछ।

दिलों पर राज करने वाला सूट

तो क्या सिर्फ डिजाइन की वजह से ये सूट इतने फेमस हैं? जी नहीं। इसकी असली ताकत है इसकी ‘पहनने वाले को ख़ास बना देने की कला’। अगर प्रोडक्ट्स का आदान-प्रदान मुश्किल है, तो कम से कम डिजाइन और आइडियाज तो एक-दूसरे तक पहुंचते रहते हैं।

ये सूट हर उम्र की महिला पर फबता है, हर मौसम के लिए ढल जाता है, और हर बजट में आ जाता है। चाहे रोज़मर्रा का सिंपल लॉन सूट हो या शादी का हैवी वर्क वाला जॉर्जेट सूट – पाकिस्तानी सूट ने भारतीय महिलाओं के दिलों में ऐसी जगह बनाई है जो कभी पुरानी नहीं होती। एक अदा जो हमेशा जवान रहती है।


तो अगली बार जब आप कोई ख़ूबसूरत सूट देखें, तो समझ जाइए, ये सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि एक ऐसी विरासत है जो सीमाओं से परे दिलों को जोड़ती है। और हां, अगली बार कोई पाकिस्तानी ड्रामा देखें, तो एक्ट्रेसेस के आउटफिट्स पर भी गौर कीजिएगा – हो सकता है आपकी अगली खरीदारी की लिस्ट वहीं से तैयार हो जाए।

ये भी पढ़ें: मधुबाला ‘The Biggest Star in the World’ : हुस्न का वो फ़साना जो मोहब्बत का अफ़साना बन गया

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