Saturday, January 24, 2026
14.1 C
Delhi

पिता की मेहनत और आयशा अंसारी की लगन ने पूरा किया डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना

रीवा ज़िले की आयशा अंसारी की कहानी एक प्रेरणा की मिसाल है। हाल ही में उन्होंने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल की है। डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना देखने वाली आयशा अंसारी ने अपने संघर्ष और समर्पण से इसे साकार कर दिखाया है। आयशा के पिता, मुस्लिम अंसारी, एक ऑटो चालक हैं। जीवन की कठिनाइयों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आर्थिक स्थिति कठिन होने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी बेटी को हमेशा प्रेरित किया। आयशा ने भी अपने पिता के संघर्ष को देखकर ठान लिया कि उन्हें अपने माता-पिता का सपना पूरा करना है।

आयशा अंसारी ने बिना कोचिंग के पास किया MPPSC Exam

आयशा ने अपने कमरे में एक स्टडी रूम बनाया और मोबाइल का इस्तेमाल कर पढ़ाई की। कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई। जब आयशा ने यह मुकाम हासिल किया, तो उनके घर में खुशियों का माहौल बन गया। मोहल्ले के लोग बधाई देने आए। आयशा का मानना है कि युवाओं को हमेशा मेहनत करनी चाहिए और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आयशा अंसारी की यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे रीवा ज़िले के लिए भी एक प्रेरणा है। यह बताता है कि कठिनाइयों के बावजूद, आत्म-विश्वास और लगन से हम अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: सुभाष चंद्र बोस: संघर्ष, साहस और समर्पण की मिसाल

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories