Monday, May 11, 2026
36.1 C
Delhi

अब स्कूली छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराएगी उत्तर प्रदेश सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्राओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए परिषदीय विद्यालयों (non-denominational school) में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। यूपी के 535 स्कूलों में पढ़ने वाली 36,772 छात्राओं के लिए 110.316 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है।

ये धनराशि संबंधित विद्यालय प्रबंधन समितियों के ज़रिए खर्च होगी। साल 2024-25 में पीएम श्री योजना से करीब 535 उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को इसका फायदा मिलेगा। बता दें कि इन स्कूलों में पढ़ाई करने वाली ज्यादातर छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। जिन्हें सेनेटरी पैड और उसके इस्तेमाल के बारे में कुछ जानकारी या सही जानकारी नहीं होती है। सरकार का ये कदम छात्राओं की स्कूल में उपस्थिति और उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए एक अनूठी पहल मानी जा रही है।

गाइडलाइन के मुताबिक, बजट दिए जाने के एक हफ्ते के अंदर ही सेनेटरी पैड को संबंधित विद्यालय समितियों को बांट दिया जाएगा। इसके साथ ही, ब्लॉक स्तर पर प्रिंसिपल की बैठक आयोजित कर आगे की प्लानिंग की जाएगी। सेनेटरी पैड की खरीद और बांटने के लिए स्कूल लेवल पर एक समिति भी बनाई जाएगी। जिसमें स्कूल मैनेजमेंट कमिटी के अध्यक्ष, हेडमास्टर, महिला शिक्षिका, आईसीडीएस सुपरवाइज़र और एक एएनएम सदस्य शामिल होंगे। इस योजना का उद्देश्य न सिर्फ स्कूली छात्राओं की एजुकेशन को बढ़ावा देना है, बल्कि उनको स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी है।

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: कश्मीर की सायका राशिद: पेशे से इंजीनियर दिल से कैलीग्राफी आर्टिस्ट

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

Topics

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Related Articles

Popular Categories