Tuesday, January 27, 2026
12.1 C
Delhi

सलमान-अनुष्का को दांव-पेंच सिखाने वाली शबनम शेख़, कुश्ती में PhD करने वाली पहली महिला बनीं

एक खेल के तौर पर भारत में कुश्ती का समृद्ध इतिहास रहा है। आज भारत में महिला पहलवान राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चली रही हैं और देश को नाम रोशन कर रही हैं। इन्हीं में से एक हैं महाराष्ट्र की रहने वाली शबनम शेख़। आज शबनम कुश्ती स्पोर्ट्स में पीएचडी करने वाली भारत की पहली महिला बन गई हैं। उन्होंने फिल्म सुल्तान के लिए अनुष्का शर्मा और सलमान ख़ान को कुश्ती की ट्रेनिंग भी दी थी।

अपने पिता के ट्रांसफर की वजह से शबनम ने अपनी स्कूली शिक्षा अंबाला, उधमपुर, श्रीनगर और अहमदाबाद के आर्मी स्कूलों से की। पढ़ाई के दौरान शबनम ने कुश्ती की प्रेक्टिस जारी रखी। शबनम के दादा और परदादा अपने इलाके के मशहूर पहलवान थे। उनके वक्त से ही घर में अखाड़ा था। शबनम का बचपन अपने दादा, पिता, चाचा और बड़े भाइयों को मिट्टी में कुश्ती का अभ्यास करते हुए बीता। 

कुश्ती खेल में आने के लिए शबनम शेख़ को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। ख़ासतौर पर कुश्ती की ड्रेस को लेकर लोग और उनके रिश्तेदार उनके परिवार से नाराज़गी ज़ाहिर किया करते थे।

शबनम शेख़ अपने पिता को पहला गुरू मानती हैं। शबनम के पिता की शर्त थी कि पहले वो दो साल तक सिर्फ प्रैक्टिस करें उसके बाद तैयारी के साथ मैदान में उतरें। शबनम ने पिता और दो बड़े भाइयों के मार्गदर्शन में अपनी प्रैक्टिस शुरू की। उन्होंने दो साल बाद लुधियाना में अपनी पहला कॉम्पिटिशन खेला और शबनम टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर रहीं। यहीं से उन्होंने जीत का सिलसिला शुरू किया। 

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: वॉलीबॉल स्पाइकर अब्दुल बातेन ने कुछ इस तरह लिखी अपनी कामयाबी की इबारत

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories