Monday, May 11, 2026
34.1 C
Delhi

बिहार की तीन बहनें क्यों है सुर्खियों में?

बिहार की तीन बहनें: गया जिले का एक छोटा सा कस्बा शेरघाटी इन दिनों तीन बहनों की वजह से सुर्खियों में है। दरअसल एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार की तीन बेटियां अनम, सादिया और बुशरा डॉक्टर बनने वाली है। अनम इमरान देश के टॉप मेडिकल कॉलेज संस्थानों में से एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी कोलकाता से डॉक्टरी कर रही है, वहीं दूसरी बहन सादिया एमाला कोलकाता के महेश भट्टाचार्य होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में फाइनल ईयर में पढ़ाई कर रही है। सबसे छोटी बहन बुशरा कौसर को भी नीट काउंसलिंग के बाद ऑल इंडिया कोटा गवर्नमेंट के तहत जनरल कैटेगरी से गवर्नमेंट होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में दाखिला मिला है।

इमरान अली की बेटियों कड़ी मेंहनत के बल पर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि क्षेत्र का नाम भी रौशन कर रही है. आज गया के साथ बिहार में इन बेटियों की कामयाबी का जिक्र हर जुबान पर है। इमरान अली एक मुहल्ला उर्दू बाजार में रहते है। इस साल मई में नई दिल्ली में राजीव गांधी ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड 2023 से नवाजे गए थे। लड़कियों में जागरूकता पैदा करने और बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनम, सादिया और बुशरा एक मिसाल बनी हैं। भविष्य में ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र की लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए इन तीनों सगी बहनों की मिसाल दी जाएगी जो डॉक्टर बनने के सफर पर निकल चुकी हैं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

Topics

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Related Articles

Popular Categories