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लोगों के घरों का बेकार सामान बेचकर शुरू हुआ ‘तंजीम-ए-हमदर्द-इंसानियत’ संगठन, आज हैं 50 से ज्यादा शाखाएं

महाराष्ट्र के सोलापुर में ‘तंजीम-ए-हमदर्द-इंसानियत’ संगठन ज़रूरतमंदों की मदद करने के साथ-साथ युवाओं को जागरूक कर समानता की लौ जलाने का काम कर रहा है। ‘तंजीम-ए-हमदर्द-इंसानियत’ की स्थापना 2019 में की गई थी। इसकी 50 से ज्यादा शाखाएं हैं और मुख्यालय हैदराबाद में है।

किसी संगठन को शुरू करने के लिए सबसे पहले जो चीज परेशानी बनकर खड़ी होती है वो है आर्थिक समस्या। शुरूआत में संगठन के पास आर्थिक साधन का कोई ज़रिया नहीं था। लेकिन इस ग्रुप के लोगों में समाज सेवा की इच्छा थी। क्षेत्र के नागरिकों से लोहा, इलेक्ट्रॉनिक सामान, प्लास्टिक जैसे सभी अपशिष्ट पदार्थों को संस्था को देने की अपील की गई थी। लोगों ने इस नेक काम में संस्था का साथ दिया। इन सामान को बेचकर संस्था को शुरू किया गया था। लेकिन समय के साथ-साथ आर्थिक हालात ठीक हुए और आज सैकड़ों लोगों के सहयोग से समाज सेवा का ये रथ चला आ रहा है।

‘तंजीम-ए-हमदर्द-इंसानियत’ संगठन के अध्यक्ष हाफिज नदाफ कहते है कि ‘‘कई बेसहारा लोग ठंड में मंदिरों और मस्जिदों के बाहर खुले में सोते हैं। ऐसे बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए हम कंबल बांटने की मुहिम चलाते हैं।” यह संगठन इसके अलावा मुफ़्त स्वास्थ्य कैंप और हिजाम थेरेपी कैंप, रक्तदान कैंप और युवाओं के लिए करियर मार्गदर्शन संबंधित कार्यक्रम ऑर्गनाइज कराएं जाते हैं। संगठन का आदर्श वाक्य ‘इमदाद आपकी, खिदमत हमारी, खिदमत तुम्हारी’ (आपकी मदद, हमारी सेवा, गरीबों का लाभ) है।

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ये भी पढ़ें: वकील नदीम क़ादरी नेचर स्कूल के ज़रीये लोगों में जगा रहे पर्यावरण से लगाव और जुनून 

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