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Tag: क्रांतिकारी

अशफ़ाक़ उल्लाह ख़ां: शायरी में वतनपरस्ती और ज़िंदगी में शहादत

“कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे,आज़ाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे।” ये अल्फ़ाज़ उस...