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Rabindranath Tagore ने अंग्रेज़ों को हराने के लिए लिया था राखी के सूत का सहारा

रक्षा बंधन “राखी”… प्रेम का त्योहार, डोर से बंधते भरोसे का त्योहार। ये त्योहार सिर्फ़ भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं है, बल्कि आपसी सम्मान, समझ और सहयोग को भी दिखाता है। क्या आपको पता है कि रक्षाबंधन इकलौता ऐसा त्यौहार है जिसे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ़ इस्तेमाल किया गया था। जिसका प्रणेता थें भारत के महानतम कवि रबींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) ने। ये बंधन हिन्दुस्तानी है, में आज बात इसी शंखनाद की।

Raksha Bandhan… a festival of love, a festival of trust tied with strings. This festival is not only a symbol of brother-sister relationship, but also shows mutual respect, understanding and cooperation. Do you know that Rakshabandhan is the only festival which was used against the British rule. Whose pioneer was India’s greatest poet Rabindranath Tagore. This bond is Indian, today I am talking about the sound of this conch shell.

Also Read: Chandni Begum: The Courtesan Poetess

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