Monday, September 21, 2026
28 C
Delhi

मोहम्मद नसीम युसुफपुरी: उर्दू शायरी के कलात्मक शायर

उर्दू शायरी (Urdu Poetry) सिर्फ मुशायरों में लयबद्ध तरन्नूम से गाये नए नज़्मों और गज़लों को ही समझा जाने लगा है। ऐसे समय में नसीम युसुफपुरी (Mohammad Naseem Yusufpuri) उर्दू शायरी के कलात्मकता की लौ को जिंदा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। मोहम्मद नसीम युसुफपुरी उत्तर प्रदेश के जिले गाजीपुर में जन्मे। शुरू से ही परिवार के आर्थिक हालात ठीक नहीं थे। नसीम का कस्बा अपने अदबी के लिए जाना जाता रहा, जहां शेयर रोज मर्रा की जिंदगी का हिस्सा हुआ करती है।

  • वकार ए उर्दू न गिरने पाए,
  • जुबान में ऐसा कमाल रखना, 
  • हमारे शहर में फनकार हैं बहुत लेकिन, 
  • खुदा किसी को अनोखा कमाल देता है।

ऐसे ही अदबी माहौल में नसीम ने होश संभाला और इंटरमीडियट की पढ़ाई के दौरान से ही शेयर कहना शुरू कर दिया था। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बीएससी में दाखिला लिया लेकिन दिल्ली में पढ़ाई का खर्च न संभाल सके और वतन वापसी करना पड़ा। एक आंख खराब होने की वजह से साइंस की पढ़ाई छोड़ दी बाद में काशी विद्यापीठ वाराणसी से उर्दू से एमए पास किया।

मोहम्मद नसीम युसुफपुरी बहुत ही खामोश मिजाज वाले इंसान हैं लेकिन उनके शेयर उनके मिजाज के उलट हलचल सी मचा देते हैं। शायद यही शायर का कमाल होता है। उनके श्रोता हमेशा उनसे नए अंदाज के शेयर के मुंतज़िर रहते हैं। अक्सर लोग कहते मिलेंगे की नसीम युसूफपूरी आ गए हैं, अब अच्छे उर्दू शेयर सुनने को मिलेंगे। 

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

ज़ियाउद्दीन अहमद: दक्कन के इतिहास और अदब का रौशन नाम

मोहम्मद ज़ियाउद्दीन अहमद शाकेब, जिन्हें एम.जे.ए. शाकेब के नाम...

कश्मीरी लाल ज़ाकिर: तरक़्क़ीपसंद सोच का बेबाक क़लमकार

कश्मीरी लाल ज़ाकिर उर्दू और हिंदी अदब के उन...

इज़हार असर: उर्दू साइंस फ़िक्शन के संजीदा क़लमकार और उनकी शायरी

इज़हार असर उर्दू अदब के उन गिने-चुने लिखने वालों...

Topics

ज़ियाउद्दीन अहमद: दक्कन के इतिहास और अदब का रौशन नाम

मोहम्मद ज़ियाउद्दीन अहमद शाकेब, जिन्हें एम.जे.ए. शाकेब के नाम...

कश्मीरी लाल ज़ाकिर: तरक़्क़ीपसंद सोच का बेबाक क़लमकार

कश्मीरी लाल ज़ाकिर उर्दू और हिंदी अदब के उन...

इज़हार असर: उर्दू साइंस फ़िक्शन के संजीदा क़लमकार और उनकी शायरी

इज़हार असर उर्दू अदब के उन गिने-चुने लिखने वालों...

लेफ्टिनेंट जनरल Harbaksh Singh: 1965 की जंग का हीरो

लेफ्टिनेंट जनरल Harbaksh Singh (हरबख़्श सिंह) भारतीय फ़ौज के...

रविश सिद्दीक़ी: वो शायर जिसने कश्मीर की वादियों को ग़ज़ल में पिरोया

कुछ शायर अपने लफ़्ज़ों में सिर्फ़ महबूब की तस्वीर...

Related Articles

Popular Categories