Tuesday, September 1, 2026
30 C
Delhi

पूनम देवी: पति हुए बीमार तो पत्नी ने उठाए औज़ार, मैकेनिक बनकर चला रही परिवार

गरीबी में इंसान किसी भी तरह का काम करने के लिए तैयार हो जाता है चाहे वो उसकी पसंद का हो या ना हो। जब बात अपने बच्चों के भविष्य की आती है तो एक मां किसी भी हद तक जा सकती है। गाज़ियाबाद की रहने वाली पूनम देवी इन चंद लाइनों का एक उदाहरण है। जिन्होंने कभी घर की चार दीवारों से बाहर कदम नहीं रखा, आज वो मैकेनिक बनकर सड़क के किनारे बाइक रिपेरिंग का काम कर रही है। 

दरअसल पूनम के पति पेशे से मैकेनिक है, लेकिन एक हादसे में वो लकवा (Paralysis) के शिकार हो गए। इसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी पूनम के कंधों पर आ गई। कई परेशानियां आने के बाद भी पूनम ने अपनी ज़िंदगी से हार नहीं मानी। जब उन्होंने अपने हाथों में औजार उठाये तो लोग रूककर अजीब नज़र से देखते थे। कुछ लोगों को यकीन ही नहीं होता था कि एक महिला ऐसे काम कैसे कर सकती है।

पूनम देवी ने अपने पति के छोटे-छोटे औजारों से काम करना सीखना शुरू किया था और आज वो एक सफल मैकेनिक बनकर अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी दे पा रही है।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए https://hindi.thebetterindia.com/ पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

ज़मीन अली: वो चराग़ जिसने उर्दू के लिए एक नया रास्ता रोशन किया

कुछ लोग सिर्फ़ अपने दौर के लिए काम नहीं...

अमजद हैदराबादी: दर्द को रुबाई में ढालने वाले शायर

उर्दू अदब की दुनिया में अमजद हैदराबादी का नाम...

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

Topics

अमजद हैदराबादी: दर्द को रुबाई में ढालने वाले शायर

उर्दू अदब की दुनिया में अमजद हैदराबादी का नाम...

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

Related Articles

Popular Categories