Saturday, May 9, 2026
35.1 C
Delhi

Aligarh के घुंघरू और घंटियां न सिर्फ़ रोज़गार बल्कि कौमी एकता की भी मिसाल हैं

ताला नगरी Aligarh की पहचान अब घुंघरू और घंटियों (Ghungroo and bells) से भी होने लगी है. यहां घुंघरू और घंटियों से जुड़े कारोबार को रफ़्तार मिल रही है। इन आधुनिक घंटियों और घुंघरुओं को गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल माना जाता है।

Lock city Aligarh is now being identified with Ghungroo and bells as well. Here the business related to Ghungroo and bells is gaining momentum. These modern bells and Ghungroos are considered an example of Ganga-Jamuni culture and communal harmony.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Topics

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Red Chief से RedTape तक: कैसे कानपुर बना भारत का लेदर सिकंदर

एक ज़माने में कानपुर की सड़कों पर अंग्रेजों की...

Related Articles

Popular Categories