Thursday, February 26, 2026
25 C
Delhi

कुल्लू की पहाड़ियों में गूंजी ‘गणपति बप्पा मोरया’ की धुन, एक परिवार की Eco-Friendly गणेश उत्सव की नई परंपरा

देवभूमि की नीली पहाड़ियों और साफ़ हवा में एक नया रंग घुल रहा है। कुल्लू की वादी, जो दशहरे की धूम के लिए मशहूर है, अब गणपति बप्पा की जय जयकार से गूंज रही है। इस बार कुल्लू घाटी के माहौल में गणपति उत्सव की धूम में रंगने लगी है। और इस जश्न की असली जड़ें हैं यहां के एक जुनूनी परिवार 
डूंगा राम और उनका परिवार।

राजस्थान से आए इस परिवार ने पिछले 35 सालों से यहां मिट्टी और आस्था से एक नई परंपरा की नींव रखी है। एक ज़माना था जब यहां गणपति उत्सव अनजाना था, लेकिन आज? आज कुल्लू में बप्पा की धूम मुंबई-पुणे को टक्कर देती है।

डूंगा राम बताते हैं, शुरुआत में लोग गणपति उत्सव के बारे में ज़्यादा नहीं जानते थे, लेकिन 2001 से कुल्लू में भी लोग बप्पा की स्थापना करने लगे। इस साल उनके परिवार ने बनाई है 180 अनोखी मूर्तियां। हर मूर्ति सिर्फ़ मिट्टी की नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति प्यार और सच्ची आस्था की मूर्त प्रतिमा है। पिछले साल से 30 ज़्यादा। ये सिर्फ़ एक नंबर ही नहीं, बल्कि बढ़ते प्यार और जुनून का सबूत भी है। कुल्लू अब सिर्फ़ देवताओं की नहीं, बल्कि गणपति बप्पा की भी भूमि बन गई है। 

इको-फ्रेंडली मुहिम: प्रकृति के साथ भक्ति

जब कई जगह प्लास्टर ऑफ पेरिस और केमिकल से बनी मूर्तियों से नदियां और तालाब प्रदूषित हो रहे हैं, तब डूंगा राम ने अपने हुनर को इको-फ्रेंडली दिशा दी है। उनकी मूर्तियां मिट्टी, नारियल, घास और वॉटर कलर से तैयार की जाती हैं, ताकि विसर्जन के वक्त ये आसानी से घुल जाएं और प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।

डूंगा राम कहते हैं, बप्पा हमारे घरों में सुख-समृद्धि लाते हैं। जब वे विदा हों तो प्रकृति को दर्द क्यों मिले? हमारी कोशिश है कि भक्त और धरती दोनों खुश रहें।”

डूंगा राम की बेटी सीता बताती हैं, हमारी फैमली की तीन पीढ़ियां इस काम में जुड़ी हैं। हर साल जब हम देखते हैं कि लोग बप्पा को हमारे हाथों बनी मूर्तियों के रूप में अपने घर ले जाते हैं, तो हमें लगता है हमारी मेहनत सफल हुई।

कुल्लू का बदलता रंग

कुल्लू घाटी हमेशा से अपने देव परंपरा और दशहरा के लिए जानी जाती रही है। लेकिन पिछले 25 सालों में यहां गणपति उत्सव की भी धूम बढ़ी है। ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय गीतों के बीच बप्पा की आरती गूंजती है। छोटे-छोटे बच्चे रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर जुलूस में शामिल होते हैं।

स्थानीय निवासी रवि ठाकुर बताते हैं कि पहले हम टीवी पर ही देखते थे कि मुंबई में कैसे गणपति उत्सव मनाया जाता है। लेकिन अब कुल्लू में भी बप्पा आते हैं और ये देखकर अच्छा लगता है कि हमारी घाटी भी विविधता को अपना रही है।

कला, आस्था और संघर्ष का संगम

डूंगा राम और उनके जैसे कारीगर सिर्फ़ मूर्तियां ही नहीं गढ़ते, बल्कि वे समाज को एक नई सोच भी देते हैं। उनके लिए हर मूर्ति बनाना साधना की तरह है। महंगाई, मौसम की मार और बाज़ार की तबदीली के बीच भी उन्होंने अपने हुनर को ज़िंदा रखा है।

डूंगा राम का सपना है कि आने वाले सालों में कुल्लू ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सिर्फ़ इको-फ्रेंडली मूर्तियां ही तैयार की जाएं। वो कहते हैं कि अगर हर भक्त प्रकृति को ध्यान में रखकर मूर्तियां ख़रीदे, तो बप्पा की पूजा का असली मतलब पूरा होगा।

कुल्लू की हसीन वादियों में इस साल गणपति बप्पा का उत्सव सिर्फ़ भक्ति का नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी लेकर आया है।

राजस्थान से आए डूंगा राम और उनका परिवार हमें यह सिखाता है कि जब आस्था और प्रकृति साथ चलें, तभी पूजा का असली अर्थ निकलता है।

ये भी पढ़ें: अज़ीज़ बानो: लफ़्ज़ों की ताज़गी और दिल की तन्हाई, मैं ने ये सोच के बोये नहीं ख़्वाबों के दरख़्त…

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

आख़िर पंजाब में माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध क्यों हो रहा है?

माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध करने वाले लोग दावा करते हैं कि पंजाब में 70 लाख से 1.5 करोड़ के बीच माइग्रेंट वर्कर्स रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी के पास साफ़, वेरिफाइड नंबर नहीं हैं। वे जो आंकड़े बताते हैं, वे असलियत से बहुत दूर लगते हैं।

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib: जहां हर तकलीफ़ का हल और दिल को सुकून मिलता है

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib सिर्फ़ एक इबादतगाह नहीं,...

Gurdaspur killings: सीमा पार से खतरों का बदलता चेहरा

पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर दो पुलिसवालों - असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार की हत्या ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बढ़ते सुरक्षा ख़तरों (Gurdaspur killings: Changing face of cross-border threats) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Goodword Publication: बच्चों में तालीम, तसव्वुर और पॉज़िटिव सोच की एक रोशन मिसाल

Goodword दरअसल CPS International यानी सेंटर फॉर पीस एंड स्पिरिचुअलिटी से...

Bagh printing: सिंध से बाग तक का सफ़र, जहां रंगों में बसती है परंपरा

बाग प्रिंटिंग से जुड़े खत्री समुदाय का मूल निवास वर्तमान पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में माना जाता है। समय के साथ यह समुदाय राजस्थान के मालवा-मारवाड़ क्षेत्रों से होता हुआ मध्य प्रदेश के धार ज़िले के बाग गांव में आकर बस गया। यहां की बाग नदी का पानी इस छपाई के लिए बेहद उपयुक्त साबित हुआ।

Topics

आख़िर पंजाब में माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध क्यों हो रहा है?

माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध करने वाले लोग दावा करते हैं कि पंजाब में 70 लाख से 1.5 करोड़ के बीच माइग्रेंट वर्कर्स रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी के पास साफ़, वेरिफाइड नंबर नहीं हैं। वे जो आंकड़े बताते हैं, वे असलियत से बहुत दूर लगते हैं।

Gurdaspur killings: सीमा पार से खतरों का बदलता चेहरा

पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर दो पुलिसवालों - असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार की हत्या ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बढ़ते सुरक्षा ख़तरों (Gurdaspur killings: Changing face of cross-border threats) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Goodword Publication: बच्चों में तालीम, तसव्वुर और पॉज़िटिव सोच की एक रोशन मिसाल

Goodword दरअसल CPS International यानी सेंटर फॉर पीस एंड स्पिरिचुअलिटी से...

Bagh printing: सिंध से बाग तक का सफ़र, जहां रंगों में बसती है परंपरा

बाग प्रिंटिंग से जुड़े खत्री समुदाय का मूल निवास वर्तमान पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में माना जाता है। समय के साथ यह समुदाय राजस्थान के मालवा-मारवाड़ क्षेत्रों से होता हुआ मध्य प्रदेश के धार ज़िले के बाग गांव में आकर बस गया। यहां की बाग नदी का पानी इस छपाई के लिए बेहद उपयुक्त साबित हुआ।

पढ़ाई का ऐसा माहौल कि 18 किमी दूर से आते हैं स्टूडेंट्स: जानिए कश्मीर की Iqbal Library की कहानी

हर सुबह, समीना बीबी इकबाल लाइब्रेरी-कम-स्टडी सेंटर (Iqbal Library)...

हुनर की मिसाल बने बबलू कुमार, PM Vishwakarma मंच पर बढ़ाया बिहार का गौरव

बिहार के गया ज़िले के रहने वाले बबलू कुमार...

Related Articles

Popular Categories