Saturday, May 9, 2026
34.1 C
Delhi

कोलकाता का शानदार क्रिसमस सेलिब्रेशन

क्रिसमस (Christmas) के मौके पर पूरी दुनिया जगमगा रही है। सर्द सर्दियों की हवा में क्रिसमस की खुशी, चमचमाते हरे पेड़, केक, गर्म चाय, कॉफी से लोग जश्न मना रहे है और एक दूसरे को उपहार दे रहे है। 

भारत का कोई अन्य शहर क्रिसमस को इतनी भव्यता से नहीं मनाता जितना कोलकाता मनाता है। कोलकाता का पार्क स्ट्रीट क्रिसमस का केंद्र है। महामारी के कारण दो साल के लंबे समय के बाद इस साल पार्क स्ट्रीट में क्रिसमस का जश्न फिर से शुरू हो गया है। 

अलग-अलग धर्मों के लोग भी आधी रात को पेश की जाने वाली गर्म कॉफी और क्रिसमस, फल दालचीनी केक और क्रिसमस के शांतिपूर्ण संदेशों को सुनने के लिए चर्चों में आधी रात शामिल होते हैं। लोग इस दिन दान देने के उत्साह में, अमीर लोग गरीबों बच्चों को खिलौने, कंबल, गर्म कपड़े, नाश्ता, भोजन के पैकेट और कई अन्य उपहार देते हैं।

आयोजन से उत्पन्न कुछ धनराशि इस क्रिसमस के मौसम के दौरान करुणा और प्रेम के सार को बढ़ावा देने, स्थानीय दान पहलों और परियोजनाओं को बनाए रखने के लिए निर्देशित की जाती है।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Topics

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Red Chief से RedTape तक: कैसे कानपुर बना भारत का लेदर सिकंदर

एक ज़माने में कानपुर की सड़कों पर अंग्रेजों की...

Related Articles

Popular Categories