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आर्टिस्ट नवाब जहां बेगम: ‘पेंटिंग आंखों से देखी जाने वाली कविता है’

आर्टिस्ट नवाब जहां बेगम अपनी ख़ास आर्ट स्किल के लिए जानी जाती हैं। वो गोल्ड से पेंटिंग बनाने के लिए पैलेट किचन नाइफ का इस्तेमाल करती हैं। हर घर तिरंगा अभियान के तहत गणतंत्र दिवस पर तिरंगे झंडे की उनकी एक पेंटिंग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। इस पेंटिंग की ख़ास बात ये थी कि उसमें 12 अलग-अलग भारतीय भाषाओं में जय हिंद लिखा गया था।

वो अपनी इंस्पिरेशन अपनी मां को मानती हैं। उन्हें बचपन से ही पेंटिंग बनाने का शौक था। उन्होंने ड्राइंग और पेंटिंग में मास्टर्स किया है। जिसमें उन्होंने कला के इतिहास की स्टडी की। तब उन्हें एहसास हुआ कि हमारी भारतीय संस्कृति और कला बेहद खूबसूरत है। इससे उनकी दुनिया को कला का एक नया आउटलुक दिखा। इसकी वजह से उन्हें पेंटिंग की एक बिल्कुल नई स्टाइल चुनने का मौका मिला। उनको अपने हुनर के लिए साल 2023 में योद्धा पुरस्कार भोपाल, वुमन ऑफ सब्स्टेंस पुरस्कार जैसे कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

नवाब जहां बेगम हमेशा ज्ञान और साहित्य को महत्व देती हैं। उनका मानना है कि कला और साहित्य एक साथ चलते हैं। पेंटिंग आंखों से देखी जाने वाली कविता है। नवाब जहां बेगम ने आदिवासी कलाओं, साहित्य के बारे में गहराई से जाना है। वो अपनी पेंटिंग में साहित्यिक संस्कृति को शामिल करना पसंद करती हैं, चाहे वेदों से या कुरान से संदेश देने के लिए स्क्रिप्ट पर काम करती हैं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: लकड़ी पर शानदार दस्तकारी और जियोमेट्रिक पैटर्न के साथ बनती है ‘ख़तमबंद’ आर्ट

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