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कश्मीर की सैर-ए-गुल: 18 लाख रंग बिरंगे फूलों से सजेगा 2026 का Tulip Show

सर्दियों की शुरुआत होते ही कश्मीर के फेमस ट्यूलिप गार्डन (Tulip Garden) में एक नया ही जोश और चहल-पहल देखने को मिलती है। इसकी वजह है आने वाले बसंत में होने वाले भव्य Tulip Show की तैयारी हो रही है। इस बार का शो सबसे आलीशान और रंगीन होने वाला है। गार्डन के फ्लोरीकल्चर ऑफिसर, इमरान अहमद (Imran Ahmed, the garden’s Floriculture Officer) बताते हैं कि 2026 के शो के लिए रिकॉर्ड 18 लाख बल्ब (Plantation) लगाए जा रहे हैं, जो एक शानदार रंगारंग नज़ारा पेश करेंगे।

तैयारियों का दौर: नवंबर में शुरू हो गया बल्ब प्लाटिंग

नवंबर का महीना ट्यूलिप गार्डन (Tulip Garden) के लिए बेहद अहम होता है। इसी महीने बल्ब लगाने (Plantation) का काम शुरू होता है। इमरान अहमद के मुताबिक, गार्डन का अपना कुछ बल्ब पहले ही लगाया जा चुका है। वहीं, हॉलैंड से आयात किया गया ट्यूलिप, डैफोडिल और हाइसिंथ (Tulips, daffodils and hyacinths) के बल्बों का पहला बैच भी आ चुका है, जिसका Planting work शुरू हो गया है। अगले महीने आने वाले दूसरे बैच का रोपण भी पूरा कर लिया जाएगा। इस तरह दिसंबर के आखिर तक सारी प्लांटिंग पूरी करने का लक्ष्य है, ताकि बर्फबारी से पहले बल्बों को जमीन में बसाया जा सके।

18 लाख बल्बों की रंगत: एक नया रिकॉर्ड

इस साल के शो की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि इसमें पिछले साल के मुकाबले 1 लाख अधिक, यानी कुल 8 लाख फ्रेश(Fresh) ट्यूलिप बल्ब Holland से मंगवाए गए हैं। इमरान अहमद बताते हैं कि फ्रेश बल्बों के फूल ज़्यादा ताजगी भरे और लंबे वक्त तक खिले रहते हैं। इनके अलावा 3 लाख हाइसिंथ और 15,000 डैफोडिल के बल्ब भी लगाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर 18 लाख बल्ब्स मटीरियल (बल्बों वाले पौधे) फूलों से लदे दिखाई देंगे। इसके साथ ही लगभग 1 लाख दूसरे सालाना फ्लॉवर भी शो की शोभा बढ़ाएंगे।

कलर, हाइट और सीज़न का पूरा ख़्याल

सिर्फ बल्बों के नंबर नहीं, इस बार रंगों के सिलेक्शन और उनकी बनावट पर भी ख़ास ध्यान दिया गया है। Imran Ahmed के अनुसार, एक शानदार शो के लिए तीन चीजों का तालमेल जरूरी है- कलर कॉम्बिनेशन, हाइट कॉम्बिनेशन और सीजनल कॉम्बिनेशन (Color combinations, white combinations, and seasonal combinations)। ये ज़रूरी नहीं कि सिर्फ रंग ही मेल खाएं, बल्कि पौधों की ऊंचाई भी एक जैसी हो और वे एक ही मौसम में खिलें। उदाहरण के लिए, लाल और पीले रंग का कॉन्ट्रास्ट बहुत खूबसूरत लगता है, लेकिन अगर लाल फूल जल्दी और पीले फूल देर से खिलें तो ये असर नहीं दिखेगा। इसलिए, ऐसी वैरायटी चुनी गई हैं जो एक साथ, एक ही ऊंचाई पर और बेहतरीन रंग संयोजन में खिलेंगी।

मौसम की चुनौती और ख़ास इंतज़ाम

पिछले एक दशक में मौसम के पैटर्न में बदलाव से भी निपटना पड़ता है। इमरान बताते हैं कि पहले अक्टूबर में ही बल्ब लगाने का काम शुरू हो जाता था, लेकिन अब नवंबर के दूसरे हफ्ते तक इंतजार करना पड़ता है। वसंत में हल्की बारिश फूलों की उम्र बढ़ा देती है, लेकिन वाटर स्ट्रेस (पानी का दबाव) न हो, इसका ख़ास ध्यान रखा जाता है। इसीलिए यहां हमेशा रेज़्ड बेड (Raised beds) में ही बल्ब लगाए जाते हैं। इससे जड़ों के आसपास अतिरिक्त नमी जमा नहीं हो पाती और फूल सुरक्षित रहते हैं।

पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद

पिछले साल 2025 के ट्यूलिप शो (Tulip Show) ने लगभग 8 लाख दर्शकों के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया था। इस बार और भी शानदार शो की उम्मीद है। इमरान अहमद का कहना है कि ये शो न सिर्फ पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा, बल्कि कश्मीर की टूरिज्म इकोनॉमी (Kashmir’s tourism economy) के लिए भी एक मज़बूत सहारा साबित होगा। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प से जुड़े हजारों लोगों के रोजगार का सोर्स ये गार्डन एक प्रमुख स्प्रिंग डेस्टिनेशन बना हुआ है। उनकी दुआ और कोशिश है कि 2026 का ये शो ज्यादा से ज्यादा दिनों तक चले और देश-विदेश से आने वाले सैलानी इसकी खूबसूरती का लुत्फ उठा सकें।

ये भी पढ़ें: अब्दुल मन्नान समदी: रूहानी एहसास और अदबी फ़िक्र का संगम

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