Saturday, February 28, 2026
21.7 C
Delhi

Ajmer Tourist Spot: सर्दियों में अजमेर घूमने का है प्लान तो यहां जरूर जाएं

अजमेर, जिसे कई पवित्र धार्मिक स्थलों का गढ़ माना जाता है, राजस्थान के मशहूर पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां घूमने के दौरान आप कुछ ख़ास जगहों का आनंद लेकर अपने सफ़र को यादगार बना सकते हैं। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, जिन्हें गरीब नवाज भी कहा जाता है। यह दरगाह अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कहा जाता है कि मोइनुद्दीन चिश्ती को पैगंबर मुहम्मद के आदेश पर भारत आने का सपना आया था। 13वीं शताब्दी में सम्राट हुमायूं ने मुगल वास्तुकला में इसे बनवाया था। यहां दो विशाल बर्तनों में प्रसाद तैयार किया जाता है, जिसे लोगों में बांटा जाता है। यह दरगाह अजमेर के सबसे प्रमुख स्थलों में से एक है।

इसके अलावा अढ़ाई दिन का झोपड़ा भारतीय-इस्लामिक वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है। कहा जाता है कि इसे सिर्फ ढाई दिन में बनाया गया था। इसका इतिहास 800 साल पुराना है और यह अजमेर दरगाह से थोड़ी दूरी पर स्थित है।तारागढ़ का किला अढ़ाई दिन के झोपड़े से डेढ़ घंटे की चढ़ाई पर स्थित है। पहाड़ी की चोटी पर बने इस किले से पूरे शहर का अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है। मुगल काल में यह सैन्य गतिविधियों का केंद्र था।

अजमेर के पास कई और आकर्षक स्थान भी हैं, जैसे सांभर झील, किशनगढ़ शहर, विक्टोरिया जुबली क्लॉक टॉवर, अकबर का महल और संग्रहालय, पृथ्वीराज स्मारक, नरेली जैन मंदिर। अजमेर में इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का आनंद लेकर अपना सफ़र यादगार बनाया जा सकता है। 

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: जयपुर की वीणा, मीणा जनजाति की कला को दे रहीं नई पहचान

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शहंशाहों का कारवां और रेशमी धागों का जादू: Parsi Gara, जब फ़ारस के फूल हिंदुस्तान की मिट्टी में मुस्कुराए

‘गारा’ फारसी लैंग्वेज का लफ्ज़ (‘Gara’ is a Persian word) है, जिसका मतलब होता है ‘सुई से काम करना’ या ‘सिलाई। लेकिन पारसी गारा में ये सिलाई जादू में बदल गई।

आख़िर पंजाब में माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध क्यों हो रहा है?

माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध करने वाले लोग दावा करते हैं कि पंजाब में 70 लाख से 1.5 करोड़ के बीच माइग्रेंट वर्कर्स रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी के पास साफ़, वेरिफाइड नंबर नहीं हैं। वे जो आंकड़े बताते हैं, वे असलियत से बहुत दूर लगते हैं।

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib: जहां हर तकलीफ़ का हल और दिल को सुकून मिलता है

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib सिर्फ़ एक इबादतगाह नहीं,...

Gurdaspur killings: सीमा पार से खतरों का बदलता चेहरा

पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर दो पुलिसवालों - असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार की हत्या ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बढ़ते सुरक्षा ख़तरों (Gurdaspur killings: Changing face of cross-border threats) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Topics

शहंशाहों का कारवां और रेशमी धागों का जादू: Parsi Gara, जब फ़ारस के फूल हिंदुस्तान की मिट्टी में मुस्कुराए

‘गारा’ फारसी लैंग्वेज का लफ्ज़ (‘Gara’ is a Persian word) है, जिसका मतलब होता है ‘सुई से काम करना’ या ‘सिलाई। लेकिन पारसी गारा में ये सिलाई जादू में बदल गई।

आख़िर पंजाब में माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध क्यों हो रहा है?

माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध करने वाले लोग दावा करते हैं कि पंजाब में 70 लाख से 1.5 करोड़ के बीच माइग्रेंट वर्कर्स रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी के पास साफ़, वेरिफाइड नंबर नहीं हैं। वे जो आंकड़े बताते हैं, वे असलियत से बहुत दूर लगते हैं।

Gurdaspur killings: सीमा पार से खतरों का बदलता चेहरा

पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर दो पुलिसवालों - असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार की हत्या ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बढ़ते सुरक्षा ख़तरों (Gurdaspur killings: Changing face of cross-border threats) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Goodword Publication: बच्चों में तालीम, तसव्वुर और पॉज़िटिव सोच की एक रोशन मिसाल

Goodword दरअसल CPS International यानी सेंटर फॉर पीस एंड स्पिरिचुअलिटी से...

Bagh printing: सिंध से बाग तक का सफ़र, जहां रंगों में बसती है परंपरा

बाग प्रिंटिंग से जुड़े खत्री समुदाय का मूल निवास वर्तमान पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में माना जाता है। समय के साथ यह समुदाय राजस्थान के मालवा-मारवाड़ क्षेत्रों से होता हुआ मध्य प्रदेश के धार ज़िले के बाग गांव में आकर बस गया। यहां की बाग नदी का पानी इस छपाई के लिए बेहद उपयुक्त साबित हुआ।

पढ़ाई का ऐसा माहौल कि 18 किमी दूर से आते हैं स्टूडेंट्स: जानिए कश्मीर की Iqbal Library की कहानी

हर सुबह, समीना बीबी इकबाल लाइब्रेरी-कम-स्टडी सेंटर (Iqbal Library)...

Related Articles

Popular Categories