Friday, February 27, 2026
20.7 C
Delhi

असम के सोनापुर का Mayfair Spring Valley Resort: बच्चों के लिए बना ख़ास किड ज़ोन

असम की राजधानी गुवाहाटी से 20 किलोमीटर दूर सोनापुर में MayFair Spring Valley Resort ने बच्चों के लिए एक अनोखा किड्स ज़ोन खोला है। ये नॉर्थ ईस्ट के किसी भी रिज़ॉर्ट में अपनी तरह का पहला किड्स ज़ोन है। यहां बच्चे अलग-अलग गेम्स और एक्टिविटीज़ का मज़ा ले सकते हैं, जैसे फ़ायरिंग गेम, कार रेसिंग, बास्केटबॉल, और कई रोमांचक स्पोर्ट्स।

बच्चों के लिए डेडिकेटेड किड ज़ोन

रिज़ॉर्ट के डिप्टी जनरल मैनेजर प्रदीप सिवाच ने DNN4 को बताया कि, “ये किड ज़ोन ख़ासतौर पर बच्चों को ध्यान में रख कर बनाया गया है। हमने देखा कि रिज़ॉर्ट में बड़ों के लिए तो कई सुविधाएं होती हैं, लेकिन बच्चों के लिए कुछ ख़ास नहीं होता है। इसलिए हमने एक ऐसा किड्स ज़ोन बनाया, जहां बच्चे भी अपनी फैमिली के साथ समय बिता सकें और खुशी-खुशी लौटें।” इस ज़ोन में कई गेम्स फ्री ऑफ कॉस्ट हैं, जबकि कुछ गेम्स के लिए टिकट हैं।  यहां का माहौल ऐसा है कि बच्चे और उनके पेरेंट्स या बड़े भाई-बहन साथ मिलकर गेम खेल सकते हैं।

परिवारों को मिला एक शानदार अनुभव

गुवाहाटी से आए अरविंद अग्रवाल ने बताया, “ये पहली बार है कि मैंने किसी रिज़ॉर्ट में ऐसा किड ज़ोन देखा है। आमतौर पर रिसॉर्ट्स में पूल टेबल, स्विमिंग पूल, और टेबल टेनिस जैसी चीजें होती हैं, लेकिन बच्चों के लिए एक डेडिकेटेड ज़ोन होना एक बेहतरीन आइडिया है।” किड ज़ोन में अपनी बेटी कृशा के साथ समय बिताने आई कोमल ने कहा, “जब हम वीकेंड पर बाहर जाते हैं, तो बड़े तो मस्ती कर लेते हैं, लेकिन बच्चे अक्सर मोबाइल में ही बिज़ी रहते हैं। यहां बच्चों को खेलने और एंटरटेन होने का मौका मिलता है, जबकि हम आराम से अपना क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।”

कृशा ने कहा, “मैंने यहां सारे गेम्स खेले। सबसे ज्यादा मज़ा बास्केटबॉल और कार रेसिंग में आया। बास्केटबॉल में मेरे पापा जीते, लेकिन हमने खूब इंजॉय किया। “ये किड ज़ोन न सिर्फ बच्चों को बल्कि उनके परिवारों को भी एक साथ समय बिताने का मौका देता है। रिज़ॉर्ट की एक ख़ासियत यह भी है कि इसमें कई गेम्स ऐसे हैं, जो बड़े भी खेल सकते हैं।

रिज़ॉर्ट एडमिनिस्ट्रेशन का मानना है कि यह किड्स ज़ोन बच्चों और बड़ों के लिए एक शानदार अनुभव है, जहां वो अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ पल सुकून के बिता सकते हैं।

ये भी पढ़ें: गृहणी से बिजनेस वुमन बनने का सफर: असम की तनया बोरकाकोटी की प्रेरक कहानी

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

आख़िर पंजाब में माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध क्यों हो रहा है?

माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध करने वाले लोग दावा करते हैं कि पंजाब में 70 लाख से 1.5 करोड़ के बीच माइग्रेंट वर्कर्स रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी के पास साफ़, वेरिफाइड नंबर नहीं हैं। वे जो आंकड़े बताते हैं, वे असलियत से बहुत दूर लगते हैं।

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib: जहां हर तकलीफ़ का हल और दिल को सुकून मिलता है

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib सिर्फ़ एक इबादतगाह नहीं,...

Gurdaspur killings: सीमा पार से खतरों का बदलता चेहरा

पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर दो पुलिसवालों - असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार की हत्या ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बढ़ते सुरक्षा ख़तरों (Gurdaspur killings: Changing face of cross-border threats) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Goodword Publication: बच्चों में तालीम, तसव्वुर और पॉज़िटिव सोच की एक रोशन मिसाल

Goodword दरअसल CPS International यानी सेंटर फॉर पीस एंड स्पिरिचुअलिटी से...

Bagh printing: सिंध से बाग तक का सफ़र, जहां रंगों में बसती है परंपरा

बाग प्रिंटिंग से जुड़े खत्री समुदाय का मूल निवास वर्तमान पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में माना जाता है। समय के साथ यह समुदाय राजस्थान के मालवा-मारवाड़ क्षेत्रों से होता हुआ मध्य प्रदेश के धार ज़िले के बाग गांव में आकर बस गया। यहां की बाग नदी का पानी इस छपाई के लिए बेहद उपयुक्त साबित हुआ।

Topics

आख़िर पंजाब में माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध क्यों हो रहा है?

माइग्रेंट वर्कर्स का विरोध करने वाले लोग दावा करते हैं कि पंजाब में 70 लाख से 1.5 करोड़ के बीच माइग्रेंट वर्कर्स रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी के पास साफ़, वेरिफाइड नंबर नहीं हैं। वे जो आंकड़े बताते हैं, वे असलियत से बहुत दूर लगते हैं।

Gurdaspur killings: सीमा पार से खतरों का बदलता चेहरा

पंजाब के गुरदासपुर ज़िले में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर दो पुलिसवालों - असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार की हत्या ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बढ़ते सुरक्षा ख़तरों (Gurdaspur killings: Changing face of cross-border threats) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Goodword Publication: बच्चों में तालीम, तसव्वुर और पॉज़िटिव सोच की एक रोशन मिसाल

Goodword दरअसल CPS International यानी सेंटर फॉर पीस एंड स्पिरिचुअलिटी से...

Bagh printing: सिंध से बाग तक का सफ़र, जहां रंगों में बसती है परंपरा

बाग प्रिंटिंग से जुड़े खत्री समुदाय का मूल निवास वर्तमान पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में माना जाता है। समय के साथ यह समुदाय राजस्थान के मालवा-मारवाड़ क्षेत्रों से होता हुआ मध्य प्रदेश के धार ज़िले के बाग गांव में आकर बस गया। यहां की बाग नदी का पानी इस छपाई के लिए बेहद उपयुक्त साबित हुआ।

पढ़ाई का ऐसा माहौल कि 18 किमी दूर से आते हैं स्टूडेंट्स: जानिए कश्मीर की Iqbal Library की कहानी

हर सुबह, समीना बीबी इकबाल लाइब्रेरी-कम-स्टडी सेंटर (Iqbal Library)...

हुनर की मिसाल बने बबलू कुमार, PM Vishwakarma मंच पर बढ़ाया बिहार का गौरव

बिहार के गया ज़िले के रहने वाले बबलू कुमार...

Related Articles

Popular Categories