Saturday, January 24, 2026
14.1 C
Delhi

J&K की इकरा फारूक ने बिना कोचिंग के पाई सफलता, JKAS एग्ज़ाम में हासिल की दूसरी रैंक

जम्मू-कश्मीर की रहने वाले इकरा फारूक का नाम आज सभी की जुबां पर है। मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखने वाली इकरा ने 2023 में जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (JKAS) एग्ज़ाम में दूसरा स्थान हासिल कर अपनी मेहनत और हौसले की मिसाल कायम की है। इकरा फारूक का ये सफर इतना आसान नहीं था लेकिन उन्होने कई परेशानियों को दरकिनार कर अपने सपने को साकार किया है।

इकरा के पिता फारूक अहमद, पेशे से दर्जी हैं, जिन्होंने सीमित साधनों में भी बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और हर कदम पर उसकी हिम्मत बढ़ाई। इकरा ने बिना किसी प्राइवेट कोचिंग के इस एग्ज़ाम को पास कर दिखाया है। उनकी इस कामयाबी से समाज में संदेश जाता है कि मज़बूत इरादे और सही दिशा से आर्थिक चुनौतियां भी आड़े नहीं आ सकती।

इकरा ने 2021 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गई। इकरा का मानना है कि उनके माता-पिता का सहयोग उनकी सफलता की असली वजह है। उन्होंने आवाज़ द वॉयस को बताया कि करियर में सफलता पाने के लिए फोकस बनाए रखना और ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।

इकरा की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि किसी साधारण परिवार का बच्चा भी बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा कर सकता है। इकरा कहती हैं कि उनकी तैयारी का मकसद जम्मू और कश्मीर के सामने आने वाली समस्याओं को समझना और उनकी गहरी जानकारी हासिल करना था। वह एक ऐसी जगह पर पहुंचना चाहती हैं, जहां वह समाज की सेवा कर सकें और जरूरतमंदों की मदद कर सकें। 

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: कश्मीर का बर्ड मैन: परवेज़ यूसुफ़ का सफर और पक्षियों पर उनकी अनमोल किताब

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories