Friday, October 16, 2026
21.2 C
Delhi

मोहम्मद ज़ुबैर : एक शानदार करियर ऑप्शन है Calligraphy

कैलीग्राफी से आर्टिस्ट मोहम्मद ज़ुबैर का वास्ता 2 दशक पुराना है। ज़ुबैर को दोनों आंखों से कम दिखाई पड़ता है लेकिन वो आज भी अपनी कला से जुड़े हैं। मोहम्मद ज़ुबैर ने आवाज द वॉयस को बताया कि वो लगभग 20 सालों से कैलीग्राफी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पहली प्रदर्शनी 2003 में राजघाट पर लगाई थी। जिसे लोगों ने काफी सराहा था।

मोहम्मद ज़ुबैर ने इस आर्ट को अपने बड़े भाई से सीखा और उसके बाद पांच साल उर्दू अकादमी से कैलीग्रीफी सीखी। ज़ुबैर ने उर्दू एकेडमी में बतौर इंस्ट्रक्टर भी काम किया है।

आज मुस्तफाबाद में एक एनजीओ सोफ़िया एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी के तहत वो बच्चों को मुफ़्त में हिंदी, अंग्रेजी, अरबी, उर्दू, पंजाबी लैंगवेज में कैलीग्राफी सीखाते हैं। उनका मानना हैं कि दुनिया में कोई धर्म किसी दूसरे धर्म से बैर करने की बात नहीं करता है।

वो कहते हैं कि आज के वक्त में कैलीग्राफी एक अच्छा करियर ऑप्शन है। ये किसी एक मजहब से संबंधित नहीं हैं। जब अलग-अलग धर्मों के लोग अपने नाम, ग्रंथ और विचार को कैलीग्राफी करवाते हैं तो उन्हें काफी अच्छा लगता है। वो नहीं चाहते हैं कि ये आर्ट कभी ख़त्म हो। आज कैलीग्राफी एक मॉडर्न आर्ट बनती जा रही है जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: लकड़ी पर शानदार दस्तकारी और जियोमेट्रिक पैटर्न के साथ बनती है ‘ख़तमबंद’ आर्ट

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

Topics

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

मुजतबा हुसैन: हंसी के पीछे छुपी सच्चाई का बेमिसाल क़लमकार

उर्दू अदब में तंज़-ओ-मज़ाह की बात हो और मुजतबा...

Balbir Singh Senior: भारतीय हॉकी को गोल्ड की राह दिखाने वाले

भारतीय हॉकी के इतिहास में जब भी बड़े खिलाड़ियों...

Related Articles

Popular Categories