Monday, May 11, 2026
32.1 C
Delhi

BPSC टॉपर ज़ोहेब हसन की कहानी, जो दो बच्चों के पिता हैं

बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले ज़ोहेब हसन (Zohaib Hasan) ने बिहार लोक सेवा आयोग की कम्प्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के असिस्टेंट पदों की परीक्षा में टॉप किया। ज़ोहेब ने बीपीएससी (BPSC) में टॉपर बनकर नई पीढ़ी के लिए एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसको आत्मसात कर सफलता की सीढियों पर चढ़ा जा सकता है। 

बीपीएससी की कम्प्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के असिस्टेंट पदों के लिए कुल 208 उम्मीदवारों को पास किया, लेकिन पहला स्थान ज़ोहेब ने अपने नाम किया है। ज़ोहेब हसन दो बच्चों के पिता है। नौकरी, परिवार और परीक्षा की तैयारी में संतुलन बनाना उनके लिए बहुत मुश्किल रहा। वह बताते है कि “शुरूआत में तो मुश्किल हुई लेकिन अगर आदमी चाह ले तो फिर आसानी से कर सकता है। उन्होंने बताया कि क्लास लेने के बीच में जो खाली समय होता था उसको मैं अच्छे से इस्तेमाल करता था और उस दौरान पढ़ाई करता था।”

ज़ोहेब इंटरव्यू के बारे में बताते है कि उन्हे उम्मीद थी कि उन्होंने इंटरव्यू में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसलिए वो अच्छा करेंगे। युवाओं को संदेश देते हुए ज़ोहेब कहते हैं कि युवाओं को समझना होगा कि कामयाबी हासिल करने का कोई शार्ट-कट नहीं है और लगातार अपनी मेहनत जारी रखते हुए कोई भी व्यक्ति कामयाबी के शिखर पर पहुंच सकता है।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: BPSC में छठी रैंक लाने वाले आसिम ख़ान का लक्ष्य IAS बनना

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Topics

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Related Articles

Popular Categories