Saturday, May 9, 2026
28.1 C
Delhi

डॉक्टर आबिद मुइज और नवासी नूरा फातिमा: एक मेडिकल पेशेवर और उर्दू राइटर की कहानी

डॉक्टर आबिद मुइज (Dr Abid Mueez) कहते हैं कि रिटायरमेंट एक पारिभाषिक शब्द है और उन्होंने अपने काम को आराम की जगह चुना है। उन्होंने अपने मेडिकल पेशे से अर्जित अनुभवों और ज्ञान को उर्दू भाषा में लिख कर आम लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया। उनकी नवासी नूरा फातिमा (Noora Fatima) कहती हैं कि वह एक ऊर्दू राइटर हैं और छह वर्षों से वह लेखन कर रहे हैं।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: हमारे अमरोहा के कमाल अमरोही

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

Red Chief से RedTape तक: कैसे कानपुर बना भारत का लेदर सिकंदर

एक ज़माने में कानपुर की सड़कों पर अंग्रेजों की...

Topics

Red Chief से RedTape तक: कैसे कानपुर बना भारत का लेदर सिकंदर

एक ज़माने में कानपुर की सड़कों पर अंग्रेजों की...

कथकली मास्क पेंटिंग: केरल की जीवंत विरासत,रंगों की भाषा और भावों का जादू

केरल का शास्त्रीय नृत्य-नाटक कथकली (Kathakali-Kerala's Classical Dance-Drama) सिर्फ...

वहीद जहां बेग़म: तालीम के ज़रिए समाज बदलने वाली शख़्सियत

उर्दू अदब और हिंदुस्तान की तालीमी तारीख़ में कुछ...

Related Articles

Popular Categories