Saturday, October 10, 2026
26.8 C
Delhi

रांची का मैकलुस्कीगंज गांव जहां हिंदुस्तान की बस्ती है आत्मा

राजधानी रांची से 60 किलोमीटर दूर मैकलुस्कीगंज (McCluskieganj) गांव, जहां एक ही परिसर में मंदिर, मज़ार, चर्च और गुरूद्वारा स्थापित है। यहां का नज़ारा देखकर लोग नफरत करना भूल जायेंगे। यहां लोग दूर दूर से आते है, कुछ यहां आकर मत्था टेकते हैं तो कुछ फातिहा पढ़ते हैं।

इस कस्बे को कभी एंगलो इंडियन कम्युनिटी ने बसाया था। एंगलो इंडियन की आबादी समय के साथ-साथ घटती चली गई। यहां का समाज पश्चिमी संस्कृति का अनुसरण करता था इसलिए उनका रहन-सहन और बात करने का ढंग पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित था। इसलिए इस जगह को मिनी लंदन नाम से जाना जाने लगा था।

ईसाइयों के रहने के लिए 300 से ज्यादा खूबसूरत बंगलो का निमार्ण करवाया गया था। यहां का समाज पश्चिमी संस्कृति का अनुसरण करता था, इसलिए उनका रहन-सहन और बात करने का ढंग पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित था, जिसके बाद में मैकलुस्कीगंज (McCluskieganj) को मिनी लंदन कहा जाने लगा। इसके बसने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। कहा जाता है कि जब टिमोथी मैकलुस्की पहली बार आया, तो यहां की प्रकृति और आबो-हवा को देखकर मोहित हो गया। उसी वक्त उसने एंगलो इंडियन परिवारों को बसाने की ठान ली।

टिमोथी मैकलुस्की ने तय किया कि भारत में ही अपने लोगों के लिए रहने कि व्यवस्था करेगा जिसके बाद मैकलुस्कीगंज का जन्म हुआ, जिसके बाद कई धनी एंगलो इंडियंस परिवारों ने यहां बंगले बनाना शुरू किया और देखते ही देखते यह खूबसूरत शहर में बदल गया। मैकलुस्की ने करीब 2 लाख एंगलो इंडियंस को यहां बसने का न्योता दिया था, जिसमें 300 परिवार आकर बसे थे। लेकिन धीरे-धीरे पलायन के बाद संख्या सिमट कर 20 पर आ गई।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

मुरादाबाद: पीतल की महक, हुनर की चमक, विरासत की अनमोल दास्तान

उत्तर प्रदेश का शहर मुरादाबाद (The city of Moradabad...

Syed Waris Shah: पंजाबी शायरी का शहंशाह

पंजाबी साहित्य के इतिहास में अगर किसी एक शायर...

Sri Akal Takht Sahib! भक्ति-शक्ति, मीरी-पीरी और स्वतंत्र सिख सोच का पवित्र केंद्र

श्री अमृतसर की पाक ज़मीन पर, सचखंड श्री हरमंदिर...

मिर्ज़ा हादी रुस्वा: लखनऊ की ढलती तहज़ीब का आईना 

मिर्ज़ा मुहम्मद हादी, जो अदब में रुस्वा तख़ल्लुस से...

Topics

मुरादाबाद: पीतल की महक, हुनर की चमक, विरासत की अनमोल दास्तान

उत्तर प्रदेश का शहर मुरादाबाद (The city of Moradabad...

Syed Waris Shah: पंजाबी शायरी का शहंशाह

पंजाबी साहित्य के इतिहास में अगर किसी एक शायर...

Sri Akal Takht Sahib! भक्ति-शक्ति, मीरी-पीरी और स्वतंत्र सिख सोच का पवित्र केंद्र

श्री अमृतसर की पाक ज़मीन पर, सचखंड श्री हरमंदिर...

मिर्ज़ा हादी रुस्वा: लखनऊ की ढलती तहज़ीब का आईना 

मिर्ज़ा मुहम्मद हादी, जो अदब में रुस्वा तख़ल्लुस से...

वाजिद अली शाह: अवध के आख़िरी बादशाह और अदब के सरपरस्त

अवध के आख़िरी बादशाह वाजिद अली शाह की शख़्सियत...

पंज तख़्त: सिख इतिहास, अस्मिता और सामूहिक सत्ता के पांच ध्रुव

फ़ारसी के तख़्त का अर्थ है सिंहासन अर्थात सत्ता...

Related Articles

Popular Categories