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कोलकाता के मुस्लिम दुकानदारों को दीपावली का रहता है इंतज़ार 

कोलकाता के टीटागढ़, रिसड़ा, कोन्नगर, हिंदमोटर, बेलूड़, बैद्यबाटी‌, बाली और लिलुआ जैसे इलाकों में भी दीपावली पर्व आते ही जमघट लगने लगता है. मुसलमान इसका फायदा उठाने के लिए जहां-तहां अपनी दुकानें सजाकर बैठ जाते हैं। इस बार भी बंगाल में पटाखे छोड़ने पर पाबंदी है, तो मुस्लिम कारोबारी बहुत संभल कर पटाखे बेच ‌रहे हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार की अनुमति से कोलकाता के शहीद मीनार, दक्षिण कोलकाता के बेहला अंचल और उत्तर कोलकाता के साल्टलेक इलाके में आतिशबाजी का मेला लगता है। पिछले कुछ सालों से यह मेला किसी कारणवश नहीं लगाया जा रहा था, लेकिन इस साल दीपावली और काली पूजा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यहां मेला लगाने की अनुमति दी है। इस मेले में छोटे से लेकर बड़े व्यापारी स्टॉल लगाते है, जिसमें कुछ व्यापारी मुस्लिम होते है और कुछ हिंदू होते है। 

कोलकाता के दुकानदार आमिर, सुल्ताना, रजिया और नुसरत की जैसे किस्मत ही खुल जाती है। दीपावली आते ही ये सब एक हफ्ते पहले मध्य कोलकाता के इजरा स्ट्रीट और टी बोर्ड इलाके के फुटपाथों को घेर लेते हैं और रंग-बिरंगी आतिशबाजी के सामान बेचना शुरू कर देते हैं। 24 साल की रजिया कहती हैं – “मैं पिछले कई सालों से यहां पटाखें बेच रही हूं। दीपावली का मुझे बेसब्री से इंतजार रहता है।”

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ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

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