Friday, October 16, 2026
21.2 C
Delhi

ज्योतिराव और सावित्रीबाई फुले के जीवन से सबक:मजबूत नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के साथ की थी महिला शिक्षा की शुरुआत

19वीं सदी में भारत में ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के महत्व को समझाया। वे समझते थे कि शिक्षा से वंचित समुदायों को सशक्त बनाया जा सकता है। ज्योतिबा फुले ने लड़कियों के लिए पहला स्कूल स्थापित किया और सावित्रीबाई फुले पहली महिला शिक्षक बनीं। उन्होंने भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी और समाज सुधार के लिए काम किया। उनके जीवन और कार्य हमें शिक्षा के महत्व को समझाते हैं और हमें ये बताते हैं कि शिक्षा के द्वारा समाज में समानता और सद्भाव का माहौल बनाया जा सकता है।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर पर जाएं।

ऐसी ही और खबरें पढ़ने के लिए विज़िट करें-.bhaskar.com

ये भी पढे: हमारे अमरोहा के कमाल अमरोही

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

Topics

हसन नईम: ग़म को अपनी ताक़त बनाने वाले शायर

हसन नईम ने अपनी शायरी के ज़रिए ज़िंदगी के...

5,000 घंटे की उड़ान, चार दशक की ख़िदमत: Air Chief Marshal AP Singh का शानदार सफ़र

जब कोई लड़ाकू विमान आवाज़ की रफ़्तार को पार...

वहीद अख़्तर: शायरी, फ़लसफ़े और इल्म की दुनिया का एक अहम नाम

उर्दू अदब की दुनिया में शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का...

मुजतबा हुसैन: हंसी के पीछे छुपी सच्चाई का बेमिसाल क़लमकार

उर्दू अदब में तंज़-ओ-मज़ाह की बात हो और मुजतबा...

Balbir Singh Senior: भारतीय हॉकी को गोल्ड की राह दिखाने वाले

भारतीय हॉकी के इतिहास में जब भी बड़े खिलाड़ियों...

Related Articles

Popular Categories