उत्तर प्रदेश के एक गांव में रहने वाली यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) कभी ख़ुद अंग्रेज़ी बोलने में झिझकती थी। आज वो अपने YouTube चैनल के ज़रिए लाखों लोगों तक पहुंच रही हैं और उन्हें अंग्रेज़ी बोलना सिखा रही हैं। 12वीं तक पढ़ाई करने वाली यशोदा ने अपनी मेहनत और सीखने के जज़्बे से एक अलग पहचान बनाई है। ‘English with Dehati Madam’ के नाम से मशहूर यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) को उस वक़्त बड़ी पहचान मिली, जब अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने खेत में काम करते हुए बनाया गया उनका एक वीडियो अपनी Instagram Story पर शेयर किया।
यशोदा की कहानी सिर्फ़ एक वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर मिली शोहरत तक महदूद नहीं है। ये एक ऐसी महिला के सफ़र की कहानी है, जिसने परिवार की मुश्किलों के बीच ख़ुद अंग्रेज़ी सीखने की कोशिश की और फिर अपने इसी हुनर को दूसरों को सिखाने का ज़रिया बना लिया।
खेत में बनाया वीडियो, प्रियंका चोपड़ा ने की तारीफ़
यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) के लिए ये पहचान किसी ख़्वाब से कम नहीं थी। वो खेत में काम करते हुए अपना वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी। उस वक़्त उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि उनका ये वीडियो इतनी बड़ी पहचान दिला सकता है। यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) ने बताया कि वीडियो बनाने पर उनके पति ने उन्हें डांट भी लगाई थी। लेकिन उन्होंने वीडियो बनाना नहीं छोड़ा।
Instagram पर वीडियो अपलोड करने के बाद उन्हें पता चला कि प्रियंका चोपड़ा ने इसे अपनी Story पर शेयर किया है। इस ख़ास पल के लिए यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi)ने एक वीडियो बनाकर प्रियंका का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “प्रियंका चोपड़ा जोनस मैम ने मेरा वीडियो अपनी स्टोरी पर शेयर किया। उन्होंने मेरे दिन को मेरे लिए बहुत ख़ास बना दिया।”
इसके बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ। इसे 3.4 करोड़ से ज़्यादा व्यूज़ और 18 लाख से ज़्यादा लाइक्स मिले, Instagram पर 5.83 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हो गए। प्रियंका चोपड़ा के इस क़दम के बाद यशोदा के सोशल मीडिया अकाउंट पर फ़ॉलोअर्स की संख्या भी तेज़ी से बढ़ी। उनके YouTube चैनल के सब्सक्राइबर्स की संख्या भी चार लाख के पार पहुंच गई। हालांकि, इस पहचान की शुरुआत किसी बड़े स्टूडियो या महंगे कैमरे से नहीं हुई थी। यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) अपने घर और खेत के आसपास ही वीडियो बनाती थीं। उनके वीडियो में वही ज़िंदगी दिखाई देती है, जिसे गांवों में रहने वाले लोग रोज़ देखते हैं।

12वीं तक पढ़ाई, लेकिन सीखने का जज़्बा बरकरार
यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) ने 12वीं क्लास तक पढ़ाई की है, लेकिन परिवार की आर्थिक हालत के कारण उनके लिए पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था। उनके पास न कॉलेज की डिग्री थी और न ही अंग्रेज़ी पढ़ाने की कोई ट्रेनिंग। इसके बावजूद उन्होंने अपनी कमियों को आगे बढ़ने की राह में रुकावट नहीं बनने दिया। उन्होंने अंग्रेज़ी सीखने के लिए दूसरे लोगों के वीडियो देखने शुरू किए। वो उनकी बातें ध्यान से सुनती और फिर उन्हीं वाक्यों को दोहराकर बोलने का अभ्यास करती।
धीरे-धीरे उन्हें समझ आने लगा कि अंग्रेज़ी बोलना सीखने के लिए सिर्फ़ किताबें पढ़ना ही काफ़ी नहीं है। लगातार सुनना, बोलना और ग़लतियों से सीखना भी ज़रूरी है। यही सीख आगे चलकर उनके YouTube चैनल की बुनियाद बनी। यशोदा ने अपनी ज़िंदगी के अनुभवों को ही पढ़ाने का तरीक़ा बना लिया। वो ऐसी अंग्रेज़ी सिखाने लगी, जिसका इस्तेमाल लोग घर, बाज़ार और रोज़मर्रा की बातचीत में कर सकें।

जब अंग्रेज़ी सीखना शौक नहीं, ज़रूरत बन गया
एक इंटरव्यू में यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में एक मोटिवेशनल चैनल बनाने की कोशिश की थी। इसके बाद उन्होंने व्लॉगिंग भी की, लेकिन दोनों कोशिशें कामयाब नहीं हुई। फिर उनकी दिलचस्पी अंग्रेज़ी बातचीत से जुड़े वीडियो में बढ़ने लगी। वो ऐसे वीडियो देखने लगी, जिनसे उन्हें अंग्रेज़ी बोलना सीखने में मदद मिल सके। इसी दौरान उनके पति एक सड़क हादसे के बाद बिस्तर पर थे और चलने-फिरने की हालत में नहीं थे।
परिवार की ज़िम्मेदारियां बढ़ गई थी। यशोदा को लगा कि उन्हें घर बैठे कमाई का कोई रास्ता तलाशना होगा। ऐसे में अंग्रेज़ी सीखना उनके लिए सिर्फ़ एक शौक नहीं रहा। ये अपनी ज़िंदगी और परिवार के हालात बेहतर बनाने की कोशिश का हिस्सा बन गया।
यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) ने करीब 15 दिन तक अंग्रेज़ी सुनने और बोलने का अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में अपना YouTube चैनल शुरू किया। वो अपने अंदाज़ में अंग्रेज़ी बोलकर वीडियो बनाने लगी। शुरुआत में उन्हें ख़ुद भी शक होता था कि वो सही अंग्रेज़ी बोल रही हैं या नहीं। उनके आसपास कोई ऐसा नहीं था, जो उनकी ग़लतिया सुधार सके।
फिर भी उन्होंने अभ्यास जारी रखा। यशोदा के पति ने शुरुआत में कहा था कि YouTube से कोई कमाई नहीं होगी और वह अपना वक़्त बर्बाद कर रही हैं। लेकिन यशोदा ने वीडियो बनाना बंद नहीं किया। वो लगातार अंग्रेज़ी बोलने का अभ्यास करती रहीं और नए वीडियो बनाती रहीं। बाद में उनके पति ने उनसे कह दिया कि वो जो करना चाहती हैं करें।

हर लड़की को अपने सपने पूरे करने का मौक़ा मिले
एक इंटरव्यू में यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) ने बताया था कि कई जगहों पर लड़कियों को आगे बढ़ने के मौक़े नहीं मिलते। उन्हें अक्सर ये कहकर महदूद कर दिया जाता है कि आख़िरकार उन्हें शादी ही करनी है। यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) चाहती हैं कि लड़कियों को पढ़ने, कुछ सीखने, अपनी पहचान बनाने और अपने सपने पूरे करने का मौक़ा मिले। आज यशोदा लोधी की पहचान सिर्फ़ एक अंग्रेज़ी टीचर या कंटेंट क्रिएटर की नहीं है। उनकी कहानी उन लोगों को भी हौसला देती है, जो सीमित संसाधनों और मुश्किल हालात की वजह से अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं।
यशोदा लोधी (Yashoda Lodhi) ने पहले ख़ुद अंग्रेज़ी सीखने की कोशिश की और फिर उसी सीख को दूसरों के काम आने वाला हुनर बना लिया। खेत में वीडियो बनाने से लेकर लाखों लोगों तक पहुंचने का उनका सफ़र बताता है कि आगे बढ़ने के लिए हमेशा बड़ी डिग्री, महंगे संसाधन या किसी ख़ास पहचान की ज़रूरत नहीं होती। कई बार सीखने की लगन, लगातार मेहनत और ख़ुद पर भरोसा ही नई शुरुआत का रास्ता खोल देते हैं।
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