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Chitravi (चित्रावी): शौक़ से शुरू हुआ सफ़र कैसे बना रोज़गार और पहचान का ज़रिया?

जयपुर की रहने वाली विजेता की कहानी सिर्फ़ एक ब्रांड की कहानी नहीं है, बल्कि एक ख़्वाब को हक़ीक़त में बदलने का सफ़र है। Chitravi (चित्रावी) ब्रांड आज हैंडमेड दुपट्टों, लहंगों और साड़ियों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी शुरुआत बहुत सादगी और मेहनत से हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले विजेता की सीनियर वीना ने अपने शौक़ को हैंड पेंटिंग को एक काम में बदलने का फैसला किया। उनके अंदर कुछ अलग करने का जुनून था, कुछ ऐसा जो उनकी पहचान बन सके। इसी जुनून ने Chitravi (चित्रावी) ब्रांड को जन्म दिया। बाद में विजेता भी इस सफ़र का हिस्सा बनी और दोनों ने मिलकर इस छोटे से ख़्वाब को एक मज़बूत पहचान दी।

हुनर और मेहनत से बनता हर डिज़ाइन

Chitravi (चित्रावी) ब्रांड की ख़ासियत इसका पूरा प्रोसेस है, जो पूरी तरह हाथों से तैयार होता है। सबसे पहले फैब्रिक खरीदा जाता है, फिर उसे रंगा जाता है। इसके बाद कस्टमाइज़ डिज़ाइन तैयार किए जाते हैं और उन्हें कपड़े पर प्रिंट किया जाता है। लेकिन असली ख़ूबसूरती तब आती है, जब इन डिज़ाइनों पर ऐक्रेलिक रंगों से हाथों से पेंटिंग की जाती है। यही हैंड पेंट हर कपड़े को एक अलग पहचान देता है। इन रंगों की ख़ास बात है कि ये लंबे वक़्त तक टिके रहते हैं। हर एक साड़ी, हर एक दुपट्टा सिर्फ़ एक कपड़ा नहीं, बल्कि एक जज़्बा और मेहनत की मिसाल होता है।

Source: DNN24

रोज़गार और हुनर को साथ लेकर चलना

Chitravi (चित्रावी) ब्रांड सिर्फ़ एक ब्रांड नहीं, बल्कि कई लोगों की रोज़ी-रोटी का ज़रिया भी है। इस काम में करीब 15 से 20 ट्रेडिशनल वर्कर्स जुड़े हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं हैं। ये महिलाएं अपने हुनर से हर डिज़ाइन को और निखार देती हैं, उसमें अपनी मेहनत और दिल लगाती हैं। विजेता और मीना का मक़सद सिर्फ़ कपड़े बनाना नहीं, बल्कि इन महिलाओं को एक पहचान और रोज़गार देना भी है। यही वजह है कि हर प्रोडक्ट में सिर्फ़ ख़ूबसूरती ही नहीं, बल्कि एक इंसानी जुड़ाव भी महसूस होता है।

रॉयल थीम से मिली पहचान

जयपुर की रॉयलियत ने Chitravi (चित्रावी) ब्रांड के डिज़ाइनों को एक ख़ास दिशा दी। यहां के किले, महल और आर्किटेक्चर में जो हरियाली, फूल-पत्तियां और नेचुरल एलिमेंट्स दिखते हैं, वही इन डिज़ाइनों की रूह बन गए। फ्लावर और एनिमल मोटिफ्स के ज़रिए हर कपड़े में एक शाही अंदाज़ लाने की कोशिश की गई। मक़सद साफ था, राजस्थान की रॉयलियत को हर आम इंसान तक पहुंचाना। ताकि कोई भी इस शाही एहसास को पहन सके, महसूस कर सके।

Source: DNN24

शुरुआती मुश्किलें और सीख

हर काम की शुरुआत आसान नहीं होती और Chitravi (चित्रावी) ब्रांड का सफ़र भी इससे अलग नहीं था। शुरुआत में एक साड़ी बनाने में 3-4 दिन लग जाते थे। सही फैब्रिक ढूंढना, अच्छे आर्टिज़न्स को जोड़ना और फिर ग्राहकों को अपनी कीमत समझाना ये सब बड़ी चुनौतियां थी। कई बार लोगों को शिफॉन और ऑर्गेंजा जैसे फैब्रिक्स महंगे लगते थे, लेकिन धीरे-धीरे जब उन्हें इसकी क्वालिटी और ख़ूबसूरती समझ आई, तो उन्होंने इसे अपनाना शुरू किया। वक़्त के साथ टीम ने सीखा, खुद को बेहतर बनाया और आज वही काम 1-2 दिन में हो जाता है।

फैब्रिक और ट्रेंड का तालमेल

Chitravi (चित्रावी) ब्रांड में फैब्रिक का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया जाता है। शुरुआत शिफॉन से हुई, क्योंकि जयपुर की शाही पसंद में इसका ख़ास मकाम है। फिर धीरे-धीरे ऑर्गेंजा और टिशू सिल्क को शामिल किया गया, ताकि डिज़ाइनों में और शाइन और एलिगेंस आए। दुपट्टों के लिए सिल्क सैटिन का इस्तेमाल किया गया, जो अपनी नरमी और सॉफ्ट टच के लिए जाना जाता है। यहां हर फैसला ग्राहकों की पसंद और मार्केट के ट्रेंड को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

Chitravi (चित्रावी) ब्रांड की कोशिश हमेशा यही रहती है कि रॉयल लुक हर किसी के बजट में आ सके। इसलिए कीमत फैब्रिक के हिसाब से तय की जाती है। जहां कॉटन थोड़ा सस्ता होता है, वहीं शिफॉन और ऑर्गेंजा की कीमत थोड़ी ज़्यादा होती है। आमतौर पर साड़ियों की कीमत 2500 से 3500 रुपये के बीच रखी जाती है, ताकि ग्राहकों को बेहतर क्वालिटी भी मिले और वो आसानी से इसे खरीद सकें।

Source: DNN24

संघर्ष से सफलता तक का सफ़र

मीना का संघर्ष इस पूरी कहानी की सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने अपने दम पर इस काम को शुरू किया, अपने खर्च खुद उठाए और यहां तक कि लोन लेकर इस ख़्वाब को ज़िंदा रखा। वो खुद फैब्रिक ढूंढने जाती थी, ख़ुद डिज़ाइन तय करती थी और हर छोटे-बड़े काम में अपनी पूरी मेहनत लगाती थी। विजेता जब इस टीम से जुड़ी, तो उन्होंने इस संघर्ष को करीब से देखा और उससे बहुत कुछ सीखा। आज Chitravi (चित्रावी) ब्रांड एक ऐसे मुक़ाम पर है, जहां उसकी एक अलग पहचान बन चुकी है।

लेकिन सफ़र यही ख़त्म नहीं होता। अब ये टीम अपने डिज़ाइनों को मॉडर्न टच दे रही है जैसे जींस, बैग्स और ड्रेसेस में भी इन प्रिंट्स को शामिल किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में नेचुरल रंगों का इस्तेमाल करने की भी योजना है, ताकि प्रोडक्ट्स और भी ज़्यादा ख़ूबसूरत और ख़ास बन सकें। Chitravi (चित्रावी) ब्रांड की ये कहानी सिखाती है कि अगर दिल में जुनून हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी ख्वाब हक़ीक़त बन सकता है। ये सिर्फ़ एक ब्रांड नहीं, बल्कि उन हाथों की मेहनत, उन औरतों की ताकत और उस जज़्बे की मिसाल है, जो हर मुश्किल को पार करके आगे बढ़ना जानता है।

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