Tuesday, January 27, 2026
11.1 C
Delhi

हाजी निज़ामुद्दीन शेख़: हज यात्रियों के मसीहा, 27 साल से कर रहे ख़िदमत 

हाजी निज़ामुद्दीन वो शख़्स हैं जिन्होंने अपनी ज़िंदगी हज यात्रियों की सेवा में लगा दी है. वो पिछले 27 सालों से हज यात्रियों की मदद कर रहे हैं. हाल ही में चेन्नई में हुए एक सम्मेलन में उन्हें इस सेवा के लिए सम्मानित किया गया। हाजी निज़ामुद्दीन ने हज यात्रा को आसान बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है. उन्होंने जयपुर में हज हाउस बनवाया, जिससे हज यात्रियों को बहुत सुविधा हुई. उन्होंने हज के लिए सीधी फ्लाइट्स भी शुरू करवाई। हाजी निज़ामुद्दीन ने राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी बनाई. इस सोसायटी के ज़रिए वो हज़ारों हज यात्रियों की मदद करते हैं. सोसायटी हज यात्रियों के फॉर्म भरती है, उनकी समस्याओं को सुलझाती है और उन्हें हज यात्रा के बारे में जानकारी देती है। वो चाहते हैं कि हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें हज यात्रा के बारे में पूरी जानकारी हो। 

हाजी निजामुद्दीन सिर्फ हज यात्रियों की ही मदद नहीं करते, बल्कि वो समाज सेवा के कामों में भी लगे रहते हैं. उन्होंने जयपुर में एक अस्पताल भी बनवाया। हाजी निजामुद्दीन का सपना है कि वो राजस्थान के हर जिले में हज वेलफेयर सोसायटी की शाखा खोलें. हाजी निजामुद्दीन को उनकी सेवाओं के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं. लोग उन्हें हज यात्रियों का मसीहा कहते हैं। हाजी निजामुद्दीन एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी दूसरों की सेवा में लगा दी है. उनकी मेहनत और लगन से हज़ारों हज यात्रियों को फायदा हुआ है। 

हाजी निज़ामुद्दीन जयपुर के पहले हज कोऑर्डिनेटर हैं और वे 8 बार सेंट्रल हज कमेटी के मास्टर ट्रेनर रह चुके हैं। 2006 में उन्हें राजस्थान पत्रिका की और से ‘कर्णधार सम्मान’ से भी नवाज़ा गया।हाजी निज़ामुद्दीन के इस समर्पण और सेवाभाव ने न सिर्फ़ राजस्थान बल्कि पूरे भारत के हाजियों का दिल जीत लिया है।

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए  hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: कश्मीर की सायका राशिद: पेशे से इंजीनियर दिल से कैलीग्राफी आर्टिस्ट

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सब्सक्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories