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मानवता और सम्मान का संदेश: 35वीं अहले हदीस कॉन्फ्रेंस

दिल्ली के रामलीला मैदान में मरकज़ी जमीयत अहले हदीस हिंद ने 35वीं ऑल इंडिया अहले हदीस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया है, जो 9 और 10 नवंबर को “मानवता का सम्मान और विश्व धर्म” विषय पर केंद्रित है। इस आयोजन में मस्जिद-ए-नवबी के इमाम, डॉक्टर अब्दुल्लाह बिन अबदुर्रहमान अल बुऐजान शामिल होंगे। वह 10 नवंबर की मग़रिब और ईशा की नमाज़ अदा कराएंगे और इसके बाद धार्मिक और सामाजिक संदेश साझा करेंगे। इसके अलावा कॉन्फ्रेंस में भारत और विदेश के इस्लामी विद्वान, और धार्मिक हस्तियां भी शामिल होंगी। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक चिंतन तक सीमित नहीं है।

मरकज़ी जमीयत अहले हदीस हिंद के अमीर (अध्यक्ष), मौलाना असगर अली इमाम महदी सल्फ़ी ने प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह सम्मेलन मानवता, समानता, और सभी धर्मों के प्रति आदर का संदेश देना चाहता है कि समाज में फैली चुनौतियों और समस्याओं पर विचार करना है। इसके ज़रिए इस्लाम के संदेश को साझा करने के साथ-साथ सभी धर्मों के प्रति प्रेम और सम्मान का माहौल बनाना है। इस्लाम की शिक्षाओं के मुताबिक, हर धर्म और समुदाय का सम्मान करना और सभी को समान नज़रों से देखना ही मानवता की सच्ची सेवा है। 

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