Saturday, October 3, 2026
26 C
Delhi

कसु माला: दक्षिण भारतीय दुल्हन का ताज,विजयनगर साम्राज्य से लेकर मॉडर्न टाइम का शाही गहना

जब बात आती है दक्षिण भारतीय शादियों की, तो एक ऐसा गहना है जो हर दुल्हन की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है वो है कसु माला। तमिल भाषा में ‘कसु’ मतलब ‘सिक्का’ और ‘माला’ मतलब ‘हार’। यानी, सिक्कों से बनी माला। लेकिन ये आम सिक्के नहीं हैं, ये हैं मां लक्ष्मी के दिव्य स्वरूप से सजे सोने के सिक्के, जो हर साउथ इंडियन दुल्हन अपनी शादी में पहनना चाहती है।  

Image-pinterest.com

इतिहास: मंदिरों से दुल्हनों तक का सफ़र

क्या आप जानते हैं कि ये माला सदियों पुरानी है? इसकी शुरुआत विजयनगर साम्राज्य के ज़माने में हुई। उस दौर में यह मंदिरों को चढ़ावा और राजाओं का शाही गहना हुआ करता था। असल में, सबसे पहले कसु माला सचमुच के पैसे ही थे। मंदिरों को सोने के सिक्के चढ़ाए जाते थे,फिर उनमें छेद करके धागे में पिरोया जाता था ताकि भगवान की मूर्ति को त्योहारी जुलूस में सजाया जा सके। उस ज़माने के सिक्कों पर पहले से ही मां लक्ष्मी कमल पर विराजमान थीं,इसलिए पैसे से गहना बनना बहुत आसान था। धीरे-धीरे ये परंपरा मंदिरों से भरतनाट्यम नृत्यांगनाओं तक पहुंची और फिर दुल्हनों की शान बन गई।

क्यों है ख़ास कसु माला 

इसके हर सिक्के पर मां लक्ष्मी की तस्वीर उकेरी जाती है। जो समृद्धि और सौभाग्य की देवी हैं। ऐसा कहा जाता है कि माला पहनने वाली दुल्हन को धन-धान्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए ये सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है।

  

Image-pinterest.com

 दिलचस्प बात: दक्षिण भारत में इसे तेलुगु में ‘कसुलापेरु’ भी कहा जाता है।

बनावट और डिज़ाइन: जब कला और आस्था मिलते हैं

कैसे बनती है कसु माला?

हर सिक्का 22 कैरेट सोने की शीट से बनता है। इसके दो तरीके हैं-

  1. मशीन से प्रेस करके जो जल्दी और एकसमान होता है
  2. हाथ से ठोककर इसकी चमक बढ़ती है जब कारीगर हथौड़े और पंच की मदद से हर सिक्के पर नक्काशी करता है

हाथ से बने सिक्कों में थोड़ी बनावट असमान होती है लेकिन असली पहचान यही है।ये साबित करती है कि इंसानी हाथ ने बनाया है।

फिर सिक्कों के किनारों पर तार की बॉर्डर लगता है, छेद किए जाते हैं और जंप रिंग से जोड़ा जाता है। इन्हें सोने या रेशम की डोरी में पिरोया जाता है ताकि माला एक खूबसरूत आर्च में लटके।

Image- pinterest.com

ख़ास बातें:

  • अगर चमकदार पॉलिश हो तो मॉडर्न लुक
  • अगर एंटीक या ऑक्सीडाइज़्ड फिनिश हो तो मां लक्ष्मी की आकृति दूर से साफ नज़र आती है
  • शादी और मंदिर के कामों में एंटीक फिनिश को ज़्यादा पसंद किया जाता है

हर राज्य की अपनी पहचान

 1.तमिलनाडु में सिक्के घने और पास-पास और कम  कम अंतर होता है। 

2.आंध्र-तेलंगाना में सिक्कों के बीच रूबी या पन्ना के मोती लगे होते हैं।

3.केरल में सादा पॉलिश वाले सिक्के, बिना पत्थर के,सिर्फ सोना अपनी बात कहता है

Image-pinterest.com

विजयनगर साम्राज्य से लेकर आज के मॉडर्न टाइम में कसु माला 

कसु माला आज भी पूजा, यज्ञोपवीत, शादी और त्योहारों का अहम हिस्सा है। ये न सिर्फ एक पारिवारिक विरासत है, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी बढ़ता हुआ खज़ाना भी है। हर शादी में एक नया सिक्का जुड़ता जाता है। 

‘कसु माला सिर्फ गहना नहीं, यह मां लक्ष्मी का वो आशीर्वाद है जो हर दुल्हन की गर्दन पर बसता है और उसके जीवन को खुशियों से भर देता है। 

तो अगली बार जब आप किसी दक्षिण भारतीय दुल्हन को देखें, तो उसकी कसु माला पर ध्यान दें।  हर सिक्का एक कहानी कहता है, हर सिक्का एक आशीर्वाद है, हर सिक्का भारतीय संस्कृति का अमूल्य खज़ाना है। 

ये भी पढ़ें-त्रिपुरा की रिसा: जो बुनती है इतिहास, संजोती है पहचान और बिखेरती है चमक

आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

मनीष शुक्ला: उर्दू के बहाने सलीक़ा सीखने वाला शायर

कुछ लोग ज़बान को सिर्फ़ इस्तेमाल करते हैं, और...

बनारस की गुलाबी मीनाकारी: चांदी पर उकेरा जाता है ज़िंदगी का रंग

काशी की गलियों में एक ऐसी कला सदियों से...

Baba Hanuman Singh की शहादत और सोहाना साहिब का इतिहास

सिख इतिहास कुर्बानियों, बहादुरी और शहादत की अनगिनत मिसालों...

पंडित हरिचंद अख़्तर: हंसी में छुपी गहरी बात कहने वाला शायर

कुछ शायर ऐसे होते हैं जिन्हें लोग एक ही...

Topics

मनीष शुक्ला: उर्दू के बहाने सलीक़ा सीखने वाला शायर

कुछ लोग ज़बान को सिर्फ़ इस्तेमाल करते हैं, और...

Baba Hanuman Singh की शहादत और सोहाना साहिब का इतिहास

सिख इतिहास कुर्बानियों, बहादुरी और शहादत की अनगिनत मिसालों...

Puneri Pagri: पुणे की सक़ाफ़त, मराठा की शान और GI टैग वाली अनोखी विरासत 

महाराष्ट्र की धरती, जहां वीरों की गाथाएं जन्म लेती...

जिसकी थाप पर झूमता है झारखंड, उस ‘Mandar’ को मिला GI Tag

झारखंड की मिट्टी में सिर्फ़ जंगल और पहाड़ नहीं,...

Related Articles

Popular Categories