Tuesday, June 2, 2026
35.1 C
Delhi

इज्तिहाद: इस्लामी धर्म में सुधार की आवश्यकता

इज्तिहाद (Ijtihad) धर्मशास्त्र के आलोक में समय और स्थान की आवश्यकताओं के अनुरूप कुरान और सुन्नत की व्याख्या करने को कहा जाता है। यह इस्लाम (Islam) में स्वीकृत अवधारणा है और उसकी वैधता को कोई इंकार नहीं कर सकता।

आधुनिक दुनिया में इज्तिहाद की आवश्यकता है, जहां बुनियादी मान्यताओं और इबादतों के साथ-साथ महिलाओं की स्थिति, मुस्लिम समुदायों के बीच संबंध, मुस्लिमों और गैर-मुस्लिमों के संबंध, गैर-मुस्लिम समाजों में मुस्लिमों की भूमिका और इस्लामी आर्थिक सिद्धांतों के संबंध पर विचार करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, हाल के दिनों में धर्मिक संस्थानों और मुस्लिम देशों में इज्तिहाद के प्रतिबंध लगाए जाने के कारण इसका अभ्यास प्रतिबंधित हो गया था।

इज्तिहाद के अभ्यास के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आवश्यकता होती है। इसके माध्यम से इस्लाम और आधुनिकता के मेल-मिलाप के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार की संभावना होती है। हमें इज्तिहाद की आवश्यकता है ताकि हर पीढ़ी में अपनी निजी राय या गैर-मजहबी मर्यादाओं के मुताबिक चलने वाले मुस्लिमों की संख्या बढ़े।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: आयुषी सिंह UP PCS पास कर DSP बनीं, कैसे की थी पढ़ाई?

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

कॉपरनिकस की दास्तान

ब्लैक डैथ हैजे से फैली महामारी थी जिसने यूरोप...

Topics

कॉपरनिकस की दास्तान

ब्लैक डैथ हैजे से फैली महामारी थी जिसने यूरोप...

रोगाणुओं की प्रतिरोध क्षमता का एआई के ज़रिये मुकाबला

यू.एस. सेंटर्स फ़ॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन भारत के...

भारत की ‘Tea City of India’: जिसकी चाय की चुस्कियां पूरी दुनिया लेती है

भारत में चाय (Tea) लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी...

Related Articles

Popular Categories