Tuesday, September 1, 2026
30 C
Delhi

छत्तीसगढ़: गांव के बच्चें तालाब में तैरकर बन रहें हैं राष्ट्रीय खिलाड़ी

ज्यादातर हर गांव में तालाब होता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गांव के तालाब से तैराकी करके गांव के बच्चें वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना सकते है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर एक गांव है ‘खेलगांव’। इस गांव में हर दूसरे घर से बच्चा स्टेट, नेशनल प्लेयर है।

यहां के बच्चे तैराकी में शौक रखते है। स्विमिंग पुल, ड्रेस और बाकी सुविधाएं न होने के बावजूद यहां हर बच्चा मेहनत करने से पीछे नहीं हटता। और गांव के तालाब में ही प्रैक्टिस करते है। कहते है कि स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग मंहगी होती है लेकिन अगर बात करें तैराकी की तो अगर आप किसी इंस्टिट्यूट में जाएंगे तो करीब 20 हज़ार रूपये फीस देनी होती है। लेकिन इस गांव में बच्चों को फ्री में ट्रेनिंग दे रहे है देने वाले ओम ओझा।

2008 में कैसे शुरू की बच्चों को ट्रेनिंग देना

DNN24 से बातचीत के दौरान ओझा बताते है कि उन्होंने 2008 से बच्चों को ट्रेनिंग देना शुरू किया। पहले उनके चाचा तैराकी करते थे और उस समय ओझा फुटबॉल खेलते थे। उस दौरान मैं देखता था कि खिलाड़ी तैराकी के लिए ड्रेस और चश्मा लगाकर निकलते थे इसे देखकर मैं बहुत प्रभावित होता था। तब मेरी दिलचस्पी तैराकी में आई और मैं चाहता था कि तैराकी में एक बड़ा प्लेयर बनूं।

ओझा बताते है कि उस समय 2008 में अमेरिकी स्वीमर माइकल फिल्प्स से प्रभावित हुए थे, जिन्होंने पांच ओलंपिक में कुल 28 मेडल जीते थे। इसलिए हम चाहते थे कि कुछ बड़ा करें। देखा जाता है कि गांव के स्कूलों में 12वीं कक्षा के बाद फीस बढ़ जाती है। इसलिए उन्होंने ठान लिया कि वो कुछ बदलाव लेकर आयेंगे। उन्हें इस बात का अहसास हो गया था कि जो भी करना है वो गांव के तालाब में ही करना है।

छत्तीसगढ़
ट्रेनर ओम ओझा. Image Source by DNN24

वो बताते है कि अच्छी सुविधा न होना और भेदभाव का सामना करते हुए उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। शुरूआती दिनों में उनके साथ सिर्फ चार से पांच बच्चे जुड़े और उन बच्चों ने स्टेट, नेशनल लेवल तक खेला। इसके अलावा लड़कों के साथ साथ उन्होंने लड़कियों को भी बुलाना शुरू किया। जब लड़कियों ने भी स्टेट लेवल पर खेलकर मेडल जीते तो गांव की दूसरी लड़कियां भी मोटिवेट हुई और उनके पास ट्रेनिंग लेने आने लगी। धीरे धीरे लड़कियों की भी संख्या बढ़ने लगी।  

शुरूआत में समाजसेवियों से मांगी मदद

शुरूआत में ओझा गांव के कुछ समाजसेवियों के पास मदद के लिए जाते थे लेकिन बच्चों का रिज़ल्ट देखने के बाद अब वो खुद ओझा से मदद करने के लिए पूछते है। इसके अलावा अगर किसी बच्चे को खेलने के लिए बाहर जाना होता है तो ओझा पैसे इकट्ठा करने लिए चंदा किया जाता है और लोग आसानी से उनका सहयोग भी करते है।

सिर्फ तैराकी में ही नहीं गांव का एक खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय खो-खो मैच में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुका है। खेलों की बदौलत यहां के करीब 40 अधिक युवा पुलिस, सेना और व्यायाम शिक्षक की नौकरियों में हैं। खेल गांव पुरई शुरू से खेल गतिविधियों में अग्रणी रहा है। सन् 1973 में नव शक्ति स्पोर्ट्स क्लब के माध्यम से कबड्डी और क्रिकेट का नियमित अभ्यास चलता था। इन खेल विधा से जुड़े लगभग 15 से 20 लोग बीएसपी, पुलिस और अन्य विभाग में नौकरी में लगे।

आठ घंटे तैर कर बनाया गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

ओझा का मानना है कि सुविधा न होने की वजह से मेहनत नहीं रूकनी चाहिए लगातार मेहनत करने से वो एक दिन ओलंपिक तक भी पहुंच जाएंगे हो सकता है कि सरकार खुदबखुद सारी सुविधाएं उन्हें मुहया कराए। पिछले साल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनकी एक स्टूडेंट चंद्रकला ओझा ने लगातार आठ घंटे तैर कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। चंद्रकला का कहना है कि अगर उनके पास स्वूमिंग पुल की सुविधा हो तो वो आने वाले ओलंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम कर सकती है।

ये भी पढ़ें: मोहम्मद आशिक और मर्लिन: एक अनोखी कहानी जिसने बदल दिया शिक्षा का परिपेक्ष्य

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

इफ़्तिख़ार आरिफ़: शायरी में हिजरत, मोहब्बत और रूहानियत की दास्तान

उर्दू शायरी में कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो...

Topics

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

बेग़म अख़्तर का शायर

श्रीनगर में अप्रैल 1969 की एक दोपहर जब बरसात...

जमीलुद्दीन आली: दोहों से उर्दू अदब को नया रंग देने वाले शायर

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ शायर ऐसे गुज़रे...

Related Articles

Popular Categories