पंजाब को लोग उसकी ज़िंदादिली, खेती और स्वादिष्ट खाने के लिए जानते हैं। वहीं जब समुद्र, नीला पानी और बीच की बात होती है, तो सबसे पहले ज़्यादातर लोगों के दिमाग में गोवा का नाम आता है। लेकिन शायद बहुत कम लोग जानते हैं कि पंजाब में भी एक ऐसी जगह है, जो अपने ख़ूबसूरत नज़ारों की वजह से लोगों को गोवा की याद दिलाती है।
पठानकोट ज़िले के धार कलां ब्लॉक में बसे चमरौर गांव के पास बना रंजीत सागर डैम इन दिनों सैलानियों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। यहां का साफ़ नीला पानी, चारों तरफ़ फैली हरियाली और शिवालिक पहाड़ियों का दिलकश नज़ारा ऐसा एहसास देता है, जैसे आप किसी समुद्री बीच पर घूम रहे हों। यही वजह है कि लोग इसे प्यार से “पंजाब का Mini Goa” भी कहते हैं।
रंजीत सागर डैम: कुदरत का अनोखा नज़ारा
रंजीत सागर डैम, जिसे थीन डैम के नाम से भी जाना जाता है, रावी नदी पर बना भारत के सबसे बड़े अर्थ-फिल (मिट्टी और पत्थरों से बने) बांधों में से एक है। ये डैम बहुत बड़े इलाके में फैला हुआ है। इसका साफ़ नीला पानी और चारों तरफ़ फैली हरी-भरी पहाड़ियां ऐसा नज़ारा पेश करती हैं कि किसी विदेशी झील का एहसास होने लगता है।

ये डैम सिर्फ़ पंजाब को बिजली और खेती के लिए पानी देने का अहम ज़रिया ही नहीं है, बल्कि अब ये सैलानियों की पसंदीदा घूमने की जगह भी बन चुका है। हर साल बड़ी तादाद में लोग यहां की प्राकृतिक ख़ूबसूरती देखने और सुकून भरे लम्हे बिताने आते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि रंजीत सागर डैम के मुख्य परिसर में जाने के लिए पहले से ऑफ़िशियल परमिशन लेना ज़रूरी होता है।
आख़िर इसे ‘Mini Goa’ क्यों कहा जाता है?
इस जगह को “Mini Goa” कहने की सबसे बड़ी वजह इसकी प्राकृतिक ख़ूबसूरती है। डैम के किनारे लगे पाम के पेड़, नीले पानी की शांत लहरें और किनारे पर फैली चट्टानें बिल्कुल गोवा के बीच जैसा एहसास कराती हैं। शाम के वक़्त, जब सूरज ढलने लगता है, तो उसकी सुनहरी किरणें पानी पर पड़कर ऐसा ख़ूबसूरत मंज़र बनाती हैं कि देखने वाला बस उसे निहारता रह जाए।
यही वजह है कि ये जगह फोटोग्राफी के शौकीनों, प्रकृति प्रेमियों और सुकून की तलाश में आने वाले सैलानियों की पसंदीदा जगह बनती जा रही है। अगर आपको एडवेंचर पसंद है, तो रंजीत सागर डैम आपके लिए बेहतरीन जगह है। यहां हर उम्र के लोगों के लिए कई मज़ेदार गतिविधियां जैसे वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर का भरपूर मज़ा उठा सकते हैं।

स्पीड बोटिंग और पैडल बोटिंग
साफ़ नीले पानी में स्पीड बोट की तेज़ रफ़्तार का रोमांच महसूस किया जा सकता है। वहीं अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो पैडल बोटिंग का मज़ा भी ले सकते हैं। अगर आपको ऊंचाई पसंद है, तो ज़िपलाइन का अनुभव ज़रूर लें। हवा में उड़ते हुए नीचे नीला पानी और चारों तरफ़ फैले हरे-भरे पहाड़ों का नज़ारा किसी यादगार पल से कम नहीं होता।
वहीं ऊबड़-खाबड़ और कच्चे रास्तों पर फोर-व्हीलर बाइक चलाने का अलग ही रोमांच है। यही वजह है कि एटीवी राइड युवाओं की सबसे पसंदीदा अनुभव में से एक है। अगर आप रात भी यहीं बिताना चाहते हैं, तो झील के किनारे कैंपिंग की सुविधा भी मिलती है। खुले आसमान के नीचे टेंट में ठहरना, रात को बोनफायर के आसपास बैठना और तारों भरे आसमान का नज़ारा देखना इस सफ़र को और भी यादगार बना देता है।
प्री-वेडिंग शूट और फोटोग्राफी के लिए शानदार जगह
आज के समय में रंजीत सागर डैम पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के युवाओं की पसंदीदा प्री-वेडिंग शूट लोकेशन बन चुका है। यहां का खुला आसमान, शिवालिक की पहाड़ियां, साफ़ नीला पानी और खूबसूरत नज़ारे तस्वीरों को बेहद ख़ास बना देते हैं।

यहीं वजह है कि यहां खींची गई तस्वीरें और ड्रोन से बनाई गई वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद की जाती हैं। अगर आप शानदार फोटोशूट या सिनेमैटिक वीडियो बनाना चाहते हैं, तो ये जगह किसी परफेक्ट लोकेशन से कम नहीं है।
आसपास घूमने की जगहें
अगर आप रंजीत सागर डैम घूमने जा रहे हैं, तो आसपास की कई और ख़ूबसूरत जगहों का भी मज़ा ले सकते हैं। ये जगहें आपकी ट्रिप को और भी यादगार बना देंगी। रंजीत सागर डैम से करीब 8 किलोमीटर दूर रावी नदी पर बना अटल सेतु ब्रिज देखने लायक है। ये आधुनिक केबल ब्रिज पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को आपस में जोड़ता है। यहां से नदी और पहाड़ों का नज़ारा बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।
डैम से करीब 12 किलोमीटर दूर पहाड़ी की चोटी पर बना मुक्तेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। यहां हर साल बड़ी तादाद में श्रद्धालु और सैलानी दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के आसपास का शांत माहौल और प्राकृतिक खूबसूरती लोगों का दिल जीत लेती है।
अगर आपको इतिहास में दिलचस्पी है, तो रावी नदी के किनारे बना 16वीं सदी का शाहपुरकंडी किला भी ज़रूर देखें। ये किला रंजीत सागर डैम से करीब 14 किलोमीटर दूर है और अपने ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ खूबसूरत नज़ारों के लिए भी जाना जाता है।

यात्रा से जुड़ी ज़रूरी बातें
अगर आप रंजीत सागर डैम घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सितंबर से मार्च के बीच का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहाना रहता है और घूमने का मज़ा भी दोगुना हो जाता है। गर्मियों में दोपहर के समय धूप काफ़ी तेज़ रहती है, इसलिए सुबह या शाम का वक्त ज़्यादा अच्छा रहता है। यहां स्थानीय लोगों की तरफ से चाय, मैगी और हल्के-फुल्के स्नैक्स के स्टॉल लगाए जाते हैं।
अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक का प्लान बना रहे हैं, तो अपना खाना साथ लेकर आना भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। पठानकोट शहर देश के कई बड़े शहरों से रेल और सड़क मार्ग के ज़रिए अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। शहर से चमरौर (Mini Goa) की दूरी करीब 25 से 30 किलोमीटर है। यहां आप अपनी गाड़ी, टैक्सी या स्थानीय बस से आसानी से पहुंच सकते हैं।

कम बजट में गोवा जैसा एहसास
आज पठानकोट का ‘Mini Goa’ पंजाब के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर, कुदरत के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो ये जगह आपके लिए बेहतरीन वीकेंड डेस्टिनेशन साबित हो सकती है।
सबसे ख़ास बात ये है कि कम खर्च और कम समय में यहां आपको खूबसूरत नज़ारे, एडवेंचर और सुकून तीनों का मज़ा एक साथ मिल जाता है। यही वजह है कि रंजीत सागर डैम आज पंजाब की सबसे खूबसूरत और तेज़ी से लोकप्रिय होती पर्यटन जगहों में गिना जाने लगा है।
स्टोरी– मनमीत कौर
इस लेख को पंजाबी में पढ़ें
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