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Arifat की कहानी: नेचुरल केयर से शुरू हुआ “Silk and Shine Natural Beauty” का सफ़र

कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों में बसने वाला एक इलाक़ा इक़बालाबाद, बेमिना (श्रीनगर) एक ऐसी महिला की मिसाल पेश करता है, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और क्रिएटिविटी से न सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी बदली, बल्कि कई लोगों के लिए प्रेरणा भी बन गई हैं। ये कहानी है Arifat के एक ऐसे सफ़र की, जहां एक आम-सा आइडिया धीरे-धीरे एक पहचान बन गया। उनका बनाया नैचुरल ब्यूटी प्रोडक्ट ब्रांड “Silk and Shine Natural Beauty” आज स्थानीय ग्राहकों के बीच बेहद पसंद किया जा रहा है।

शुरुआत: जब एक मां की चिंता बनी बदलाव की वजह

Arifat ने B.Ed की पढ़ाई की है और एक प्राइवेट स्कूल में बतौर टीचर पढ़ाया है। शादी और बच्चों की ज़िम्मेदारियां बढ़ने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी, ताकि वो पूरा वक्त अपने परिवार को दे सकें। लेकिन एक मां होने के नाते जब उन्होंने देखा कि उनकी छोटी बेटी के बाल बहुत गिर रहे हैं, तो वो बेहद परेशान हो गई। वो उसके लिए बड़े-बड़े ब्रांड्स के महंगे शैंपू लाती थीं, लेकिन कोई फायदा नहीं होता था।

एक दिन सोशल मीडिया पर उन्हें एक रील दिखी जिसमें हर्बल शैंपू बनाने का तरीका बताया गया था। उन्होंने इसे घर पर बनाकर देखा, लेकिन उन्हें लगा कि केवल वीडियो देखकर प्रोडक्ट बनाना सुरक्षित नहीं है। यही चिंता और सवाल उनकी ज़िंदगी में एक बड़ा बदलाव लेकर आया।

सीखने का सफ़र: सिर्फ़ रील नहीं, प्रोफ़ेशनल ट्रेनिंग की राह

जब Arifat को लगा कि उन्हें इस फ़ील्ड में गहराई से सीखने की ज़रूरत है, तो उन्होंने हिम्मत करके सिराज कॉस्मेटिक से 6 महीने का हर्बल कॉस्मेटिक कोर्स जॉइन किया। घर, बच्चे और कोर्स इन तीनों को मैनेज करना आसान नहीं था, लेकिन Arifat के अंदर एक ताकत थी जो उन्हें आगे बढ़ाती रही। इस कोर्स ने उनकी पूरी दिशा बदल दी। यहां उन्हें नेचुरल प्रोडक्ट्स के फंक्शन, सही मात्रा, फॉर्मूला की समझ साइंटिफिक तरीके से प्रोडक्ट्स बनाने की स्कील सिखाई गई।

उन्हें समझ आया कि हर सामग्री (ingredient) एक ख़ास रोल निभाती हैं और सही अनुपात ही किसी प्रोडक्ट को प्रभावित बनाता है। कोर्स पूरा होने तक Arifat का आत्मविश्वास बढ़ चुका था। वो अब सिर्फ़ खुद के लिए नहीं, बल्कि लोगों के लिए भी केमिकल फ्री और सेफ प्रोडक्ट बनाने की सोचने लगीं।

पुरानी जड़ी-बूटियों से नई पहचान

ट्रेनिंग के बाद Arifat ने घर पर ही केमिकल फ्री और पूरी तरह से नेचुरल प्रोडक्ट बनाना शुरू किया। वो पुराने समय से इस्तेमाल होती आई जड़ी-बूटियों, शिकाकाई, रीठा, आंवला, मेथी दाना, रोज़मेरी और कई घरेलू चीज़ों का इस्तेमाल करती हैं। इन सामग्री को आमतौर पर कई घंटों तक उबाला जाता है, ताकि उनमें मौजूद गुण पूरी तरह एक्टिव हो सकें।

फिर इन्हें बेस फॉर्मूला में मिलाया जाता है। इस प्रोसेस से बनने वाले शैंपू और ऑयल सिर्फ़ केमिकल फ्री ही नहीं होते, बल्कि बालों को जड़ से मज़बूत भी करते हैं। Arifat कहती हैं कि उनकी सबसे बड़ी कोशिश यही रहती है कि किसी भी प्रोडक्ट में हार्मफुल केमिकल न जाए। यही गुणवत्ता उनके प्रोडक्ट्स को ख़ास बनाती है।

चुनौतियां और जज़्बा

अपने प्रोडक्ट बनाना एक बात थी, लेकिन लोगों को उनमें भरोसा दिलाना एक बड़ी चुनौती। Arifat एग्ज़ीबिशन में जातीं और हर ग्राहक को 10–15 मिनट देकर समझातीं कि उनका प्रोडक्ट कैसे बनता है, इसमें क्या सामग्री हैं और ये क्यों सुरक्षित है। वो कहती हैं, “लोगों को बताया नहीं जाता तो वो भरोसा नहीं करते। इसलिए मैं हर सामग्री की डिटेल बताती हूं।” पहले वो ग्राहकों से कहती थीं कि वो छोटे प्रोडक्टस खरीदकर ट्राई करें। जब लोगों को अच्छे रिजल्ट मिलने लगे, तो उनकी पहचान बढ़ने लगी। धीरे-धीरे अच्छे रिस्पॉन्स मिलने लगे, जिससे उनका कॉन्फिडेंस और बढ़ गया। उन्होंने अपनी बचत से इंवेस्टमेंट करना शुरू किया और अपने ब्रांड “Silk and Shine Natural Beauty” को आगे बढ़ाने लगीं।

क्या है Chemical-Free प्रोडक्ट्स का मिशन

Arifat मानती हैं कि केमिकल वाले प्रोडक्ट लंबे समय में स्किन और हेयर दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। आजकल छोटे बच्चों में भी सफ़ेद बालों की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है, जिसकी बड़ी वजह केमिकल बेस्ड शैंपू और कॉस्मेटिक हैं। वो चाहती हैं कि कश्मीर की महिलाएं नेचुरल प्रोडक्ट्स की ओर लौटें, जैसे पुराने समय में घर की चीज़ों से बालों और स्किन की देखभाल होती थी।

उनका सपना है कि आने वाले वक़्त में वो कश्मीर में एक हर्बल कॉस्मेटिक की छोटी फैक्ट्री खोलें, जहां स्थानीय महिलाओं को रोज़गार भी मिले और उन्हें इस फील्ड की जानकारी भी दी जाए। Arifat का मैसेज हर लड़की, हर महिला के दिल को छूने वाला है वो कहती हैं डरो मत। अगर लो एक हाउसवाइफ होकर, दो बच्चों को संभालते हुए इतना कर सकती हैं, तो कोई भी कर सकती हैं। वो आपकी हेल्पर बनकर आपको सब सीखाएंगी। बस केमिकल प्रोडक्टस छोड़िए और नेचुरल चीज़ों की तरफ़ आइए।

ये भी पढ़ें: कश्मीर की पहचान: Nooraari Crafts से महिलाओं की नई उड़ान

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