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हिन्दी में तफ़हीमुल कुरआन ऐप लॉन्च: डिजिटल युग में इस्लामी शिक्षा का नया कदम

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के मुख्यालय में एक ख़ास आयोजन हुआ, जिसमें मौलाना सैयद अबुल आला मौदूदी की प्रसिद्ध तफ़्सीर तफ़हीमुल कुरआन के हिंदी संस्करण की ऐप का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के अमीर सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने की। इस्लामी साहित्य ट्रस्ट की ओर से बनाए गए इस ऐप का उद्देश्य पवित्र कुरआन के हिंदी अनुवाद और व्याख्या को डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराना है। अमीर सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने ट्रस्ट और ऐप डेवलपर यूसुफ़ अमीन की सराहना करते हुए कहा कि “मौलाना मौदूदी ने तफ़्सीर तैयार करने के लिए काफी मेहनत की और अलग-अलग धर्मों का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने यह भी कहा कि अब हमारी ज़िम्मेदारी है कि इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुचाएं, ताकि हिंदी भाषी समुदाय भी इसका लाभ उठा सके।

कार्यक्रम में ट्रस्ट के सचिव श्री वारिस हुसैन ने ऐप के बारे में जानकारी दी और फिर अमीर जमाअत ने इसे लॉन्च किया। यूसुफ़ अमीन ने ऐप के फीचर्स के बारे में बताया, जिसमें कुरआन का संपूर्ण पाठ, हिंदी अनुवाद और तफ़्सीर शामिल हैं। तफहीमुल कुरआन का हिंदी अनुवाद मौलाना नसीम अहमद गाज़ी फलाही ने किया, जिसमें 12 साल का समय लगा। इसमें शब्दावली की व्याख्या और हदीसों के संदर्भ भी शामिल हैं। यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। यह कदम इस्लामी शिक्षा को तकनीकी युग से जोड़ता है और लोगों तक इस्लामी ज्ञान को पहुंचाने में मदद करेगा।

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