Monday, January 26, 2026
12.1 C
Delhi

डॉ. फराह और अनवर शेख़: पुणे में सामाजिक बदलाव की मिसाल

पुणे में एक दंपति, डॉ. फराह अनवर हुसैन शेख़ और उनके पति अनवर शेख़, समाज के ज़रूरतमंद लोगों के लिए मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। 2019 से उन्होंने मिस फराह चैरिटेबल फाउंडेशन की शुरुआत की, जिसके ज़रिए वे महिला सशक्तिकरण, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और आपदा राहत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।

जब पुणे में भारी बारिश हुई थी, तब फराह फाउंडेशन ने मदद का हाथ बढ़ाया। फाउंडेशन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 24 घंटे का हेल्पलाइन नंबर शुरू किया, ताकि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में मदद पा सकें। इस बारे में अनवर शेख़ कहते हैं, “आपदा के समय एक-दूसरे की मदद करना हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। इस्लाम सिखाता है कि मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करना हमारा धर्म और कर्तव्य है। मुश्किल वक़्त में हमारी मदद से किसी की जान बच सकती है।”

फाउंडेशन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जैसे 500 मिली. तक मुफ़्त पेट्रोल, मुफ़्त दूध, ब्रेड और बिस्किट, संपर्क में रहने के लिए मुफ़्त पावर बैंक और चार्जर, तत्काल चिकित्सा सहायता और प्राथमिक उपचार। इसके अलावा, नागरिकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर (8459867838) उपलब्ध कराया गया। फराह फाउंडेशन हमेशा पुणे के लोगों के साथ है और आपदा राहत कार्यों में उनका सहयोग करता रहेगा।

डॉ. फराह अनवर हुसैन शेख़ को सामाजिक कार्य और महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान के लिए दिल्ली के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि मिली। उनकी प्रेरणादायक यात्रा को “इकोस ऑफ इक्वालिटी: फराह शेख की यात्रा” नामक पुस्तक में भी जगह दी गई है। फराह के नेतृत्व में, मिस फराह चैरिटेबल फाउंडेशन ने स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा राहत के क्षेत्रों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: डॉ. साइमा पॉल का शानदार इनोवेशन: अब Tea Bags में फेमस कश्मीरी नून टी

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories