Wednesday, July 8, 2026
29.3 C
Delhi

AISSC के चेयरमैन सैयद नसीरूद्दीन चिश्ती ने ‘वक्फ बोर्ड एक्ट’ संशोधन का किया समर्थन

नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरूद्दीन चिश्ती ने सरकार की ओर से प्रस्तावित ‘वक्फ बोर्ड एक्ट’ के प्रस्तावित संशोधन विधेयक का समर्थन किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ‘इस संशोधन की ज़रूरत थी, काउंसिल लंबे वक्त से इस संशोधन की मांग कर रही थी।’

उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार ये बिल मुसलमानों के हित में लेकर आएगी। उन्होंने लोगों को कहा कि वे झूठी बातें न फैलाएं। उन्हें पहले विधेयक के प्रावधानों को देखने के लिए इंतजार करना चाहिए। जब सरकार इसे संसद में पेश करेगी। बिल को लेकर कुछ भी विचार बनाने से पहले वह पहले बिल का अध्ययन करेंगे।

नसीरूद्दीन चिश्ती ने कहा कि “बिल को पहले अच्छी तरह से पढ़ना और फिर कोई राय बनाना समझदारी होगी, बजाय इसके कि बिल को देखने से पहले ही अपने विचार और मांगें व्यक्त कर दी जाएं। किसी पर झूठा आरोप लगाने के बजाय बिल को समझने में भागीदारी करने की ज़रूरत है।”

उन्होंने ये भी कहा वक्फ बोर्ड में बहुत भ्रष्टाचार है, जिस पर लगाम लगनी चाहिए। सरकार सिर्फ मुसलमानों की बेहतरी के लिए काम करेगी। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। वो बोर्ड से संबंधित अपनी मांगें एनएसए अजीत डोभाल के सामने रख चुके है। मांगों को लेकर अजीत डोभाल ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

दरअसल वक्फ एक्ट मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों और धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन के लिए बनाया गया कानून है। इस्लाम में वक्फ संपत्ति धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में दी जाती है, जिसका इस्तेमाल धार्मिक उद्देश्यों, गरीबों की मदद करने जैसे कामों के लिए किया जाता है। वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करने के लिए हर राज्य में एक वक्फ बोर्ड बनाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन संशोधनों का उद्देश्य किसी भी संपत्ति को ‘वक्फ संपत्ति’ के रूप में नामित करने के वक्फ बोर्ड के अधिकार को प्रतिबंधित करना है।

ये भी पढ़ें: वकील नदीम क़ादरी नेचर स्कूल के ज़रीये लोगों में जगा रहे पर्यावरण से लगाव और जुनून 

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

नालंदा का ‘शिल्प ग्राम’: जहां कला रोज़गार बनती है और महिलाएं मिसाल

जब भी बिहार के नालंदा का ज़िक्र होता है,...

हिमायत अली शायर: जिनकी कलम ने मोहब्बत और वतन दोनों को आवाज़ दी

उर्दू अदब की दुनिया में पहचान सिर्फ़ उनके अशआर...

Topics

हिमायत अली शायर: जिनकी कलम ने मोहब्बत और वतन दोनों को आवाज़ दी

उर्दू अदब की दुनिया में पहचान सिर्फ़ उनके अशआर...

प्राचीन प्रम्बानन मंदिर: PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का ऐतिहासिक पहलू

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क़ाफ़िला इंडोनेशिया पहुंचा, तो...

दिलावर फ़िगार: हंसते-हंसाते समाज का आईना दिखाने वाले शायर 

उर्दू अदब में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने लोगों...

Related Articles

Popular Categories