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माँ वैष्णो देवी मंदिर: अब्दुल लतीफ़ ने जब कहा, सब एक स्वर में लगाते हैं माँ का जयकारा

जम्मू-कश्मीर के कटरा का माँ वैष्णो देवी मंदिर भारत का शीर्ष तीर्थस्थल है। ये 5,200 फ़ीट की ऊंचाई पर कटरा से करीब 12 किलोमीटर दूर है। यहां भक्त दर्शन करने के लिए घोड़ा, बग्गी, पालकी की मदद से मंदिर आते हैं। यहां ज़्यादातर पालकी चालक मुसलमान ही हैं।

तीर्थयात्रियों को पालकी में सवार कर अपने कन्धों पर उठाते हैं और यही उनकी कमाई का ज़रिया है। माँ वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा के दौरान पालकी चालक ‘जय माता दी’ कहकर भक्तों का स्वागत भी करते हैं।

यहां के घोड़ा चालक अब्दुल लतीफ़ ने आवाज़ द वॉयस को बताया कि “यहां कोई फ़र्क नहीं है, सब एक स्वर में जयकारा लगाते हैं।’ लतीफ़ पिछले दस सालों से कटरा में एकता की मिसाल पेश कर रहें हैं। माँ वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा के दौरान ही लतीफ़ वक़्त निकालकर नमाज़ अदा करते हैं। 

यहां कटरा बाज़ार में भी मुस्लिम लोगों की व्यापार में भागीदारी है। बाजार में हज़ारों स्थानीय मुस्लिम और हिंदू शहर में एक साथ काम कर करते हैं। जो पूरे देश में सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे का एक मज़बूत संदेश देता है।

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ये भी पढ़ें: दो इमारतों की ज़बानी- एक ही आस्ताने में मंदिर और मस्जिद

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