Monday, May 11, 2026
36.1 C
Delhi

Kashmir Art Emporium: कैसे दो Calligraphy Artists की कला ने लूटी लोगों की वाहवाही

हाल ही में श्रीनगर के कश्मीर आर्ट एम्पोरियम (Kashmir Art Emporium) में “Know Your Artisans” पहल के तहत दो दिन की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में कैलीग्राफ़ी आर्ट से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई गई। इस कार्यक्रम में खासतौर पर 67 साल के मोहम्मद शफ़ी मीर और 40 साल के शाहनवाज़ अहमद सोफ़ी (Mohammed Shafi Mir and Shahnawaz Ahmed Sofi) के Calligraphy Arts की प्रदर्शनी लगी।

मोहम्मद शफ़ी मीर ((Mohammed Shafi Mir) पेपर कैलीग्राफ़ी आर्ट में माहिर हैं तो वहीं शाहनवाज़ अहमद सोफ़ी (Shahnawaz Ahmed Sofi) कालीन पर अपनी बेहतरीन कैलीग्राफी (Calligraphy) को पिरोने के लिए जाने जाते हैं।

प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए, हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशक महमूद अहमद शाह ने कला को बढ़ावा देने और केंद्र शासित प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों का समर्थन करने में ऐसी प्रदर्शनियों की भूमिका को बेहद अहम बताया। इस Calligraphy Exhibition को देखने कई लोग पहुंचे। दोनों ही कलाकारों ने प्रदर्शनी तारीफ़ की और ऐसी प्रदर्शनियों के आयोजित होते रहने की अपील भी की।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: विश्व शांति के लिए महत्वपूर्ण: भारत गणराज्य के साथ डॉ. मोहम्मद अब्दुलकरीम अल-इस्सा का दिलचस्प भ्रमण

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

Topics

Meeraji (मीराजी: उर्दू कविता में मॉडर्निज़्म की शुरुआत करने वाला जीनियस

एक मैला-कुचैला रांझा था। नाम मोहम्मद सनाउल्लाह डार। दुबली...

मॉर्निंग ग्लोरी के फूलों की कथा

सुबह की पहली रोशनी में, जब धूप अभी पूरी...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Related Articles

Popular Categories