Friday, October 16, 2026
21.2 C
Delhi

Tag: उर्दू शायर

आनंद नारायण मुल्ला: मैं मज़हब छोड़ सकता हूं, मगर मादरी ज़बान उर्दू नही…

हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहज़ीब की जब भी बात होती है, तो आनंद नारायण मुल्ला का नाम बड़े अदब से...

पंडित हरिचंद अख़्तर: हंसी में छुपी गहरी बात कहने वाला शायर

कुछ शायर ऐसे होते हैं जिन्हें लोग एक ही रंग में याद रखते हैं, जबकि उनके अंदर कई रंग...

सरवत हुसैन: दर्द को लफ़्ज़ों में पिरोने वाला शायर

उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं जो अपने अल्फ़ाज़ों से ज़्यादा अपनी ज़िंदगी की कहानी से...

हसरत मोहानी: जब इंक़लाब के शायर को भा गई कान्हा की बांसुरी

कृष्ण को देखने और समझने के अंदाज़ अलग-अलग हो सकते हैं। कोई उन्हें भगवान मानकर पूजता है, कोई प्रेम...

कृष्ण एक नाम, कई नज़रिए… जब उर्दू शायरों ने कान्हा को अपने अल्फ़ाज़ में उतारा

कृष्ण सिर्फ़ एक धार्मिक आस्था का नाम नहीं हैं। वो मोहब्बत हैं, हुस्न हैं, शरारत हैं, उम्मीद हैं और...

गुलज़ार देहलवी: उर्दू, इंसानियत और गंगा-जमुनी तहज़ीब के सच्चे पासदार

"उम्र जो बे-ख़ुदी में गुज़री है, बस वही आगही में गुज़री है।" ये सिर्फ़ एक शेर नहीं, बल्कि एक ऐसे...

पंडित दया शंकर नसीम: उर्दू मसनवी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले शायर

उर्दू अदब की तारीख़ में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी पहचान किसी एक किताब या रचना से हमेशा के...

बेदम शाह वारसी के कलाम में गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक

उर्दू अदब और सूफ़ियाना रिवायत की फ़िज़ा में बेदम शाह वारसी का नाम एक ख़ास एहतिराम और मोहब्बत के...

नये दौर के शायर पल्लव मिश्रा, जिनकी शायरी में ना कोई बनावटी तड़का, न लफ़्ज़ों का बोझ

इस वक़्त वो दिल्ली में मुक़ीम हैं और हिंदुस्तान की मशहूर अदबी और तहज़ीबी तंज़ीम रेख़्ता से वाबस्ता हैं।...

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी: उर्दू अदब का वो दरख़्शां आफ़ताब, जिसने सोचने का बदल दिया नज़रिया

जब हम उर्दू अदब के इतिहास पर नज़र डालते हैं, तो कुछ शख़्सियतें ऐसी नज़र आती हैं जिन्होंने न...

सुदर्शन फ़ाकिर: कम लिखा लेकिन जो भी लिखा क्या ख़ूब लिखा

उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो ढोल नहीं पीटते, मगर दिल पर दस्तक दे...