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कैसे Kriti and Kunal ने मिलकर बिज़नेस को आर्ट और नेचर से जोड़ा?

Kriti and Kunal की ये कहानी सिर्फ़ एक स्टूडियो की नहीं, बल्कि एक ख़्वाब की कहानी है। एक ऐसा ख़्वाब, जो धीरे-धीरे हक़ीक़त बना। दोनों ने अपने शौक, अपनी सोच और अपने जज़्बे को मिलाकर एक ऐसा सफ़र शुरू किया, जो आज कई लोगों के लिए इंस्पिरेशन बन चुका है। ये दास्तान है दोस्ती की, मेहनत की, और उस हिम्मत की, जो किसी भी छोटे आइडिया को बड़ा बना सकती है।

नेचर से मोहब्बत, कला में तब्दील

हैंडलूम की पढ़ाई के दौरान ही कृति को नेचर से एक गहरा लगाव हो गया। जंगलों की खामोशी, पेड़-पौधों की सादगी और जानवरों की मासूमियत इन सबने उनके दिल पर एक गहरी छाप छोड़ी। ये सिर्फ देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके अंदर एक नई सोच पैदा हुई। Kriti and Kunal सोचा कि क्यों न इस नेचर की ख़ूबसूरती को लोगों के घरों और कपड़ों तक पहुंचाया जाए। धीरे-धीरे ये मोहब्बत एक मक़सद में बदल गई ऐसा काम करना, जिसमें नेचर की रूह भी हो और आर्ट का एहसास भी।

Source: DNN24

“Kriti and Kunal” स्टूडियो की शुरुआत

Kriti and Kunal ने मिलकर अपना डिज़ाइन स्टूडियो “Kriti and Kunal” शुरू किया। शुरुआत बहुत सिंपल थी हैंड पेंटिंग से। हर डिज़ाइन हाथ से बनता था, हर लाइन में एक एहसास होता था। उनकी टीम में आर्टिस्ट्स और डिज़ाइनर शामिल हुए, जो अपने हुनर से इन डिज़ाइनर्स को और भी ख़ास बनाते हैं। ये पेंटिंग्स सिर्फ कागज़ तक नहीं रहती, बल्कि उन्हें अलग-अलग प्रोडक्ट्स जैसे कपड़े, होम डेकोर और फर्नीचर पर उतारा जाता है। हर प्रोडक्ट सिर्फ एक चीज़ नहीं होता, बल्कि एक कहानी होता है एक एहसास, जो देखने वाले के दिल तक पहुंचता है।

आर्टिज़न्स को जोड़ने का सपना

इस स्टूडियो को शुरू करने का सबसे बड़ा मक़सद था इंडिया के टैलेंटेड आर्टिज़न्स को एक साथ लाना। हमारे देश में हुनर की कोई कमी नहीं है, लेकिन अक्सर ये हुनर सही प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुंच पाता। Kriti and Kunal ने सोचा कि क्यों ना इन आर्टिज़न्स को एक जगह लाया जाए और उनके काम को एक नई पहचान दी जाए। वो चाहते थे कि ये आर्ट सिर्फ लोकल तक सीमित ना रहे, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी जगह बनाए। उनका सपना था “मेड इन इंडिया” को दुनिया तक पहुंचाना, और वो भी एक नए अंदाज़ में।

Source: DNN24

ट्रैवल से मिली नई नज़र

दोनों की मुलाकात निफ्ट में हुई, जहां उन्होंने टेक्सटाइल डिज़ाइन की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें ट्रैवल का शौक लग गया। जब भी मौक़ा मिलता, वो रोड ट्रिप पर निकल जाते। कभी पहाड़ों की वादियों में, कभी किसी छोटे से गांव में वो हर जगह की ख़ूबसूरती को महसूस करते, उसे कैमरे में कैद करते और फिर उसी एहसास को अपने डिज़ाइन्स में उतारते। ये सफ़र सिर्फ घूमने का नहीं था, बल्कि सीखने का था।

हर जगह से उन्हें कुछ नया मिला रंग, पैटर्न, कहानियां जो बाद में उनके काम का हिस्सा बन गई। धीरे-धीरे उनका स्टूडियो बढ़ता गया और उनके प्रोडक्ट्स भी। ख़ास बात ये है कि उनके डिज़ाइन्स में जानवरों और पेड़-पौधों की झलक साफ दिखाई देती है, जो उनकी नेचर से मोहब्बत को दिखाती है।

एक चेयर, जिसमें बसती है पूरी कहानी

उनकी बनाई एक ख़ास चेयर इस सोच की सबसे ख़ूबसूरत मिसाल है। ये चेयर “वैल्यू ऑफ फ्लावर्स” से इंस्पायर है, जिसमें ऑर्किड्स, रोडोडेंड्रॉन और पॉपीज़ जैसे फूलों के मोटिफ्स इस्तेमाल किए गए हैं। इन सबके बीच में उनका आइकॉनिक लेपर्ड बैठा हुआ है, जो इस डिज़ाइन को और भी ख़ास बना देता है। ये सिर्फ एक चेयर नहीं, बल्कि एक आर्ट पीस है, जो देखने वाले को अपनी तरफ खींच लेता है। आजकल जहां लोग अपने घरों में हल्के और म्यूटेड कलर्स पसंद करते हैं, वहीं ये चेयर उस सादगी में एक नई जान डाल देती है। इसमें एक ऐसी रौनक है, जो किसी भी कमरे को बदल सकती है।

Kriti and Kunal ने ट्रॉपिकल नेचर इंस्पायर्ड डिज़ाइन्स भी तैयार किए हैं, जिनमें हैंड एंब्रॉयडरी और बीड वर्क का ख़ूबसूरत इस्तेमाल किया गया है। यही डिज़ाइन्स उन्होंने रनर और कपड़ों पर भी उतारे हैं। उनकी सोच साफ है आर्ट को सिर्फ पेंटिंग तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाना। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इंसान थक जाता है। ऐसे में जब वो घर लौटता है, तो वो सुकून चाहता है। Kriti and Kunal के डिज़ाइन्स वही सुकून देने की कोशिश करते हैं नेचर के करीब ले जाकर, दिल को सुकून देने वाले एहसास के साथ।

Source: DNN24

इंडियन आर्ट की ग्लोबल पहचान

Kriti and Kunal ने जर्मनी में “हाइम टेक्सटाइल” नाम की एक इंटरनेशनल एग्ज़ीबिशन में हिस्सा लिया। वहां उनके काम को बहुत सराहा गया। ये उनके लिए एक बहुत ख़ास लम्हा था जब उनके डिज़ाइन्स को दुनिया भर के लोगों ने पसंद किया। ये सिर्फ उनकी मेहनत की जीत नहीं थी, बल्कि उन सभी आर्टिज़न्स की भी जीत थी, जो उनके साथ जुड़े हुए हैं। उनका मक़सद हमेशा यही रहा है कि इंडियन आर्ट और क्राफ्ट को एक नई पहचान दी जाए।

वो चाहते हैं कि दुनिया देखे कि हमारे देश में कितना हुनर है, और उसे सही तरीके से पेश किया जाए। Kriti and Kunal के लिए ये सफ़र अभी भी जारी है। हर दिन एक नया आइडिया, एक नई कोशिश और कुछ नया सीखने का मौक़ा लेकर आता है। उनकी कहानी हमें ये सिखाती है कि अगर दिल में जुनून हो और कुछ करने का हौसला हो, तो कोई भी सपना दूर नहीं होता।

ये भी पढ़ें: ‘Kashmir Ki Kali’: सुजाता की पहल जो कश्मीर की महिलाओं को हुनर, पहचान और रोज़गार से जोड़ रही है

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